
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए प्रशासन जहां एक ओर सतर्कता बरतने और संक्रमण को रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर बिलासपुर में सामने आई एक घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली से आने वाली एक ट्रेन के माध्यम से चूज़ों की एक बड़ी खेप बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर उतारी गई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर सवाल खड़े हो गए हैं।
अलर्ट के बावजूद चूज़ों की एंट्री
गौरतलब है कि बर्ड फ्लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने पहले ही अंडों और मुर्गों की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है। साथ ही, पोल्ट्री उत्पादों के परिवहन और वितरण पर भी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद ट्रेन के जरिए चूज़ों का बिलासपुर पहुंचना नियमों के उल्लंघन की ओर इशारा करता है।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दिल्ली से आई ट्रेन से स्टेशन परिसर में बड़ी संख्या में चूज़ों के बॉक्स उतारे गए। यह पूरा घटनाक्रम खुलेआम हुआ, जिससे यह सवाल उठता है कि आखिर रेलवे और स्थानीय प्रशासन की निगरानी व्यवस्था कहां थी।
संक्रमण फैलने का बढ़ा खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, बर्ड फ्लू एक अत्यंत संक्रामक बीमारी है, जो पोल्ट्री के माध्यम से तेजी से फैल सकती है। ऐसे में बिना जांच और अनुमति के चूज़ों का एक स्थान से दूसरे स्थान तक परिवहन करना बेहद जोखिम भरा माना जाता है। इस घटना ने न केवल प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य को भी खतरे में डाल दिया है।
कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से यह पता लगाने को कहा है कि चूज़ों की खेप कहां से आई, किसकी अनुमति से लाई गई और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



