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हाईकोर्ट में अमित जोगी के वकील ने मांगा समय, कोर्ट ने कल तक का दिया वक्त, अंतिम सुनवाई से पहले सियासी हलचल तेज

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित जग्गी हत्याकांड मामले में एक बार फिर न्यायालय में हलचल तेज हो गई है। वर्षों से सुर्खियों में बने इस मामले की सुनवाई के दौरान आज हाईकोर्ट में अहम घटनाक्रम सामने आया। अदालत ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अब इस केस को और लंबा खींचने की गुंजाइश नहीं है और जल्द ही इसका निर्णायक पड़ाव सामने आएगा।

सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से अधिवक्ता, मृतक राम अवतार जग्गी के पक्ष के वकील, अमित जोगी के अधिवक्ता तथा राज्य सरकार की ओर से भी वकील उपस्थित रहे। मामले की शुरुआत में ही अमित जोगी की ओर से अतिरिक्त समय की मांग की गई, लेकिन कोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए समय देने से इनकार कर दिया। हालांकि, सीमित राहत देते हुए अदालत ने केवल एक दिन का समय दिया और स्पष्ट कर दिया कि अब अगली तारीख पर ही अंतिम सुनवाई होगी।

गौरतलब है कि यह मामला वर्ष 2003 का है, जब बिलासपुर में कांग्रेस नेता राम अवतार जग्गी की हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड ने उस समय पूरे प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बड़ा भूचाल ला दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।

जांच और लंबी सुनवाई के बाद वर्ष 2007 में निचली अदालत ने 28 आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, इस पूरे मामले में कई उतार-चढ़ाव भी देखने को मिले। प्रमुख आरोपियों में शामिल अमित जोगी को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया था, जिससे यह मामला और भी ज्यादा चर्चा में आ गया था।

अब यह मामला हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की डिविजन बेंच में अंतिम चरण में पहुंच चुका है। अदालत का रुख देखते हुए यह माना जा रहा है कि वर्षों से लंबित इस केस का जल्द ही निष्कर्ष सामने आ सकता है।

इस सुनवाई को लेकर राजनीतिक हलकों में भी सरगर्मी बढ़ गई है। एक ओर जहां पीड़ित पक्ष को न्याय की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर यह मामला सियासी दृष्टिकोण से भी काफी संवेदनशील माना जा रहा है।

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