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बुजुर्ग दंपत्ति डबल मर्डर केस में बड़ा खुलासा, शादी में आये कैमरामैन की बिगड़ी नियत, पिता व भाईयों की मदद से रची लूट व मर्डर की साजिश

जांजगीर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के मुलमुला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खपरी में हुए बुजुर्ग दंपत्ति के दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक वीडियोग्राफर, दो सगे भाई और उनका पिता शामिल है।

घटना 1 अप्रैल की है, जब ग्राम खपरी निवासी संतराम साहू और उनकी पत्नी श्याम बाई साहू का शव उनके घर में खून से लथपथ हालत में मिला था। सूचना मिलते ही मुलमुला थाना प्रभारी पारस पटेल मौके पर पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विजय पांडे (एसपी जांजगीर) स्वयं घटनास्थल पहुंचे और जांच के निर्देश दिए।

पुलिस ने फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की मदद से साक्ष्य जुटाए। साथ ही एडिशनल एसपी उमेश कश्यप, उद्दयन बेहार और डीएसपी स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई।

चोरी की नीयत से रची गई थी खौफनाक साजिश

जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी सुरेंद्र यादव पेशे से वीडियोग्राफर है। वह कुछ समय पहले मृतक परिवार के यहां शादी में वीडियोग्राफी करने आया था। इसी दौरान उसे यह जानकारी मिली कि बुजुर्ग दंपत्ति घर में अकेले रहते हैं और उनके पास काफी मात्रा में जेवर और नकदी मौजूद है।

इसी जानकारी के आधार पर उसने अपने साथी गजेंद्र पाल दिनकर के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई। पहचान छुपाने के लिए दोनों आरोपियों ने मुखौटे, टोपी और नकली बालों का इस्तेमाल किया। वारदात की रात दोनों आरोपी घर की छत के रास्ते अंदर घुसे।

पहचान खुलने पर की निर्मम हत्या

जैसे ही आरोपी घर में दाखिल हुए, बुजुर्ग संतराम साहू की नींद खुल गई। उन्होंने आरोपियों को देख शोर मचाने की कोशिश की, जिससे घबराकर सुरेंद्र यादव ने चाकू से उन पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

शोर सुनकर उनकी पत्नी श्याम बाई भी जाग गईं। इसके बाद दूसरे आरोपी गजेंद्र दिनकर ने उन पर भी धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे उनकी भी हत्या कर दी गई। इस तरह आरोपियों ने पहचान उजागर होने के डर से दोनों की बेरहमी से हत्या कर दी।

लूटपाट कर फरार हुए आरोपी

हत्या के बाद आरोपियों ने मृतका के पैर में पहनी चांदी की पायल और गले का सोने का हार लूट लिया। इसके बाद वे मौके से फरार हो गए। फरार होते समय आरोपी गजेंद्र ने लूटा हुआ हार अपने पिता श्यामरतन दिनकर को दे दिया, जो बाहर रेकी कर रहा था।

पुलिस की मुस्तैदी से 24 घंटे में खुला राज

पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संदिग्धों की पहचान की। जांच के दौरान पता चला कि गजेंद्र दिनकर घटना के बाद से गांव से गायब है। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर उसे बिलासपुर जिले के नवागांव से हिरासत में लिया गया।

पूछताछ के दौरान उसके हाथ में चोट के निशान पाए गए। पहले उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने पूरी वारदात कबूल कर ली। इसके बाद पुलिस ने अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।

बरामद हुई सामग्री

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए दो चाकू, एक सोने का हार, चांदी की पायल और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। आरोपियों ने हथियारों और जेवरों को अलग-अलग स्थानों पर छिपा रखा था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी

  1. गजेंद्र पाल दिनकर (24 वर्ष)
  2. सुरेंद्र यादव (25 वर्ष)
  3. श्यामरतन दिनकर (53 वर्ष)
  4. विजेंद्र पाल दिनकर (26 वर्ष)

पुलिस के अनुसार, विजेंद्र दिनकर ने घटना की जानकारी होने के बावजूद अपने भाई को फरार होने में मदद की, जिसके चलते उसे भी आरोपी बनाया गया है।

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