
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में ठगी का हाईप्रोफाइल मामला सामने आया है। यहां शातिर ठग ने खुद को कृषि मंत्री का बहनोई बताकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रूपये की ठगी कर ली। आरोप है कि शातिर ठग ने मंत्रालय में नौकरी लगाने का पहले झांसा दिया, फिर युवकों से 22 लाख रुपये ठग लिए। नौकरी और पैसा नही मिलने के बाद अब ठगी का शिकार हुए युवकों की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।
जानकारी के मुताबिक ये पूरा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। ठगी का शिकार हुए समारू राम टंडन ने सिटी कोतवाली थाने में ठगी इस मामले की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया है कि अप्रैल 2025 में रायपुर में कुमार राम ठाकुर और उसकी पत्नी सोहद्रा बाई से उनकी मुलाकात हुई थी। कुमार राम ने खुद को मंत्री रामविचार नेताम का बहनोई बताया। उसने मंत्रालय में अच्छी जान-पहचान और मजबूत पकड़ होने का दावा किया था। बातचीत के दौरान कुमार राम ठाकुर ने सरकारी नौकरी लगवाने का दावा करते हुए उसने अपना मोबाइल नंबर भी दिया था।
इसके बाद उन्होंने अपने बेटे डीगेश कुमार का बायोडाटा भेजा। नौकरी लगाने के एवज में कुमार राम ने पांच लाख रुपये की मांग की। उसने अन्य उम्मीदवारों के बारे में भी पूछा। पीड़ित ने अपने भाई पिंटू लहरे, भतीजे राजेश साहू और लोकनाथ चौहान के बारे में बताया। सभी का बायोडाटा कुमार राम ठाकुर को भेजा गया। कुमार राम ठाकुर के रायगढ़ आने पर उसे चार लाख रुपये दिए। शेष रकम ऑनलाइन माध्यम से नौ लाख बयानबे हजार पांच सौ रुपये भेजी गई।
पीड़ितों को गांव बुलाकर दिया झांसा
ठगी का शिकार हुए शख्स ने बताया कि एक दिसंबर 2025 को कुमार राम ठाकुर ने उन्हें अपने गांव भद्ररसी बुलाया। वहां तीनों पीड़ित उसके घर पहुंचे। पूरी रकम लेने के बाद आरोपियों ने बकायदा मंत्रालय की नियुक्ति पत्र दिखाए। शेष रकम की मांग पर आठ दिसंबर 2025 को आठ लाख सतहत्तर हजार पांच सौ रुपये दिए गए। उम्मीदवारों को 12 दिसंबर 2025 तक डाटा ऑपरेटर पद पर जॉइनिंग का आश्वासन दिया गया, लेकिन इसी बीच कुमार राम ठाकुर ने विधानसभा सत्र के कारण नियुक्ति रोकने लगने की जानकारी दी गयी।
शिकायत के बाद पुलिस ने 3 आरोपियों के खिलाफ किया एफआईआर
विधानसभा सत्र खत्म होने के बाद भी जब युवकों का नौकरी नही मिली, तब उन्हे ठगी का शिकार होने का अहसास हुआ। इसके बाद जब पीड़ित पक्ष ने रकम वापस मांगने की कोशिश की तो आरोपियों ने पैसा लौटाने से सीधे तौर पर मना कर दिया। जिसके बाद अब पीड़ित पक्ष ने रायगढ़ के सिटी कोतवाली पुलिस में इस मामले की शिकायत दर्ज करायी है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गयी है, जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जायेगी।



