धार्मिक

Varuthini Ekadashi 2026 : व्रत के दौरान वर्जित हैं ये 5 चीजें, नियम तोड़ने पर नहीं मिलेगा पुण्य

नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को वरुथिनी एकादशी के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष यह व्रत 13 अप्रैल यानी आज रखा जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु के वराह अवतार की पूजा का विधान है। शास्त्रों में वर्णित है कि जो भक्त पूर्ण निष्ठा और नियमों के साथ यह व्रत करते हैं, उन्हें सौभाग्य की प्राप्ति होती है और उनके संचित पापों का नाश होता है। हालांकि, इस व्रत की शुद्धता बनाए रखने के लिए खान-पान के कड़े नियम बताए गए हैं, जिनका उल्लंघन करने पर व्रत खंडित माना जाता है।

सात्विकता का पालन: इन 5 चीजों से बनायें दूरी
वरुथिनी एकादशी के दिन भोजन और व्यवहार में सात्विकता अनिवार्य है। शास्त्रों के अनुसार, व्रत रखने वाले व्यक्ति और उनके परिवार को इन वस्तुओं के सेवन से बचना चाहिए:

चावल (अक्षत): एकादशी के दिन चावल खाना पूरी तरह वर्जित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस दिन चावल का सेवन ‘महर्षि मेधा’ के शरीर के अंश के समान माना गया है।
शहद: वरुथिनी एकादशी के विशिष्ट नियमों के अनुसार, इस दिन शहद का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इसे मांसाहार की श्रेणी में रख कर त्यागने का निर्देश दिया गया है।
मसूर की दाल: दालों में मसूर की दाल को अशुद्ध माना गया है। व्रत के दौरान इसके सेवन से मन में तामसिक विचार आते हैं।
कांस्य बर्तन में भोजन: इस दिन कांसे के बर्तन में भोजन करना या पानी पीना वर्जित है। मिट्टी या तांबे के पात्रों का उपयोग श्रेष्ठ माना जाता है।
पराया अन्न: एकादशी पर दूसरों के घर का भोजन ग्रहण करने से व्रत के पुण्य का क्षय होता है। केवल स्वयं द्वारा बनाया गया या फलाहार ही ग्रहण करें।

व्रत पारण और आगामी सावधानी
श्रद्धालु ध्यान दें कि व्रत का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है जब द्वादशी तिथि को शुभ मुहूर्त में पारण किया जाए। एकादशी की रात को जागरण करना और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। शहर के प्रमुख मंदिरों, जैसे वाराणसी के इस्कॉन मंदिर और दिल्ली के लक्ष्मी नारायण मंदिर में विशेष अभिषेक और आरती का आयोजन किया गया है। भक्तों को सलाह दी जाती है कि वे व्रत के दौरान क्रोध और असत्य भाषण से भी बचें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button