
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है। लगातार बढ़ते तापमान के बीच मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने गरियाबंद, धमतरी, बस्तर और कोंडागांव जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की गई है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बारिश से लोगों को गर्मी से ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल गर्म और शुष्क हवाओं का प्रभाव बना हुआ है। इसके चलते तापमान लगातार बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिक अगापित इक्का ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में स्थानीय प्रभाव के कारण हल्की बारिश और आंधी जैसी स्थिति बन सकती है, लेकिन इसका असर सीमित रहेगा। उन्होंने कहा कि अगले चार दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। ऐसे में आने वाले दिनों में गर्मी और अधिक तीखी हो सकती है।
प्रदेश के कई हिस्सों में दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। गर्मी का असर सबसे ज्यादा बच्चों, बुजुर्गों और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग भी लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दे रहा है।
पिछले 24 घंटों के मौसम आंकड़ों की बात करें तो बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। यहां अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण लोगों को उमस और लू जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। वहीं प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड और अंबिकापुर में 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, वहां कुछ स्थानों पर बादल छाने और हल्की बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएं टूटने और बिजली प्रभावित होने जैसी आशंका भी जताई गई है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मई महीने के अंतिम सप्ताह में प्रदेश में गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी के कारण कई जिलों में हीट वेव जैसी स्थिति बनने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या भी धीरे-धीरे बढ़ने लगी है, जिससे लोगों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।



