
बारसूर, मुचनार बने रोमांच और आध्यात्मिक पर्यटन के नए केंद्र
- अतुल्य दंतेवाड़ा के तहत जिपलाइन, नाइट कैंपिंग और सातधार नदी पर्यटकों को कर रही आकर्षित
हेमंत कुमार साहू,
दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में स्थित बारसूर और मुचनार क्षेत्र इन दिनों पर्यटकों के लिए एक सुगम, सुरक्षित और रोमांच से भरपूर पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहे हैं। अतुल्य दंतेवाड़ा अभियान के अंतर्गत यहां एडवेंचर, प्रकृति और आध्यात्मिक पर्यटन का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। बारसूर, मुचनार क्षेत्र में पर्यटकों को एडवेंचर गतिविधियों का विशेष अनुभव मिल रहा है। यहां स्थापित जिले की सबसे बड़ी जिपलाइन रोमांच पसंद करने वाले सैलानियों के लिए मुख्य आकर्षण बन गई है। ऊँचाई से प्रकृति के बीच जिप लाइनिंग का अनुभव पर्यटकों को नया उत्साह और यादगार पल प्रदान कर रहा है। इसके साथ ही नाईट कैंपिंग की सुविधा पर्यटकों को प्रकृति के और भी करीब ले जा रही है। तारों भरे आकाश के नीचे ठहरने का अनुभव, जंगल की शांति और ठंडी हवाओं के बीच बिताई गई रातें सैलानियों को खासा आकर्षित कर रही हैं।


बारसूर क्षेत्र अपने प्राचीन और भव्य मंदिरों के लिए भी प्रसिद्ध है, जहां आस्था और इतिहास का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ यहां की सांस्कृतिक विरासत पर्यटकों को बस्तर की समृद्ध परंपराओं से परिचित कराती है। वहीं, इन दिनों सातधार नदी अपने प्राकृतिक सौंदर्य और कल-कल बहते जल प्रवाह के कारण लोगों का मन मोह रही है। नदी के किनारे समय बिताना, प्रकृति को नजदीक से महसूस करना पर्यटकों के लिए एक विशेष अनुभव बन रहा है। प्रशासन द्वारा पर्यटन सुविधाओं को लगातार बेहतर किया जा रहा है, जिससे पर्यटक बिना किसी असुविधा के बारसूर और मुचनार की यात्रा कर सकें। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि दंतेवाड़ा को एडवेंचर, नेचर और कल्चरल टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। बारसूर, मुचनार आज उन पर्यटकों के लिए आदर्श स्थल बनते जा रहे हैं, जो रोमांच, शांति और आध्यात्मिक अनुभूति को एक साथ अनुभव करना चाहते हैं। अतुल्य दंतेवाड़ा के तहत यह क्षेत्र पर्यटन के नए आयाम स्थापित कर रहा है।




