मड़वा पावर प्लांट में शटडाउन ड्यूटी के दौरान सिर पर गिरा लोहा, ठेका मजदूर ने तोड़ा दम

जांजगीर-चांपा। मड़वा स्थित एबीव्ही थर्मल पावर प्लांट में औद्योगिक सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शटडाउन कार्य के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में एक ठेका मजदूर की जान चली गई। घटना के बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा और मुआवजे की मांग को लेकर अस्पताल परिसर में हंगामा हुआ, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया।
जानकारी के अनुसार, कोरबा जिले के चुहिया गांव निवासी 42 वर्षीय गणेशराम यादव दत्ता कंस्ट्रक्शन कंपनी के तहत पावर प्लांट में कार्यरत था। 14 जनवरी की रात वह शटडाउन कार्य के दौरान ड्यूटी पर था, तभी अचानक भारी लोहे का मटेरियल उसके सिर और शरीर पर गिर पड़ा। हादसे में उसकी रीढ़ की हड्डी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसे सांस लेने में गंभीर दिक्कत होने लगी।
साथी मजदूरों की मदद से उसे पहले मड़वा अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर चांपा के निजी अस्पताल रेफर किया गया। तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बीडीएम अस्पताल चांपा भेजा गया। अगली सुबह अस्पताल पहुंचे परिजनों ने ठेका कंपनी पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उचित मुआवजे की मांग की।
परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि पावर प्लांट में काम कर रही ठेका कंपनियां मजदूरों की सुरक्षा को नजरअंदाज करती हैं। न तो पर्याप्त सेफ्टी गियर दिए जाते हैं और न ही सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता है, जिसके चलते इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं। थाना चांपा के टीआई अशोक वैष्णव ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और हादसे के कारणों की पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।



