
टोकन नहीं मिला तो टेकारी सोसायटी के 27 किसान महज 01 हजार क्विंटल धान नहीं बेच पायेंगे
रायपुर । किसानों का धान अभी उपार्जन केन्द्रों में पहुंचना बाकी है पर भौतिक सत्यापन के नाम पर टोकन जारी करना बंद कर दिया गया है । खरीदी हेतु महज 4 दिन बाकी हैं लेकिन भौतिक सत्यापन के बाद भी किसानों को टोकन जारी नहीं किया जा रहा है वहीं कई किसानों का डाटा अभी तक कैरी फॉरवर्ड नहीं किया गया है जिसके चलते वे धान बेचने की बोहनी भी नहीं कर पाये हैं । इसका एक ज्वलंत उदाहरण टेकारी सोसायटी है जहां के 27 किसानों को टोकन जारी नहीं हुआ तो वे महज अपना एक हजार क्विंटल धान नहीं बेच पायेंगे ।
जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक रायपुर के अधीनस्थ मंदिर हसौद शाखा के अंतर्गत आता है टेकारी सोसायटी । 3 ग्राम टेकारी , कुंडा व खम्हरिया के लिये गठित इस सोसायटी का धान उपार्जन केन्द्र भी टेकारी ही है । अभी तक टोकन न मिलने से सांसत् में पड़े किसानों ने आज रविवार को किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा से मुलाकात कर अपनी पीड़ा व्यक्त की । उनके हवाले से शर्मा ने बतलाया कि 17 किसान ऐसे हैं जिनके धान का शासन के निर्देशानुसार भौतिक सत्यापन किया जा चुका है व उनमें से 10 को दूसरा व 7 को तीसरा टोकन की आवश्यकता है व इन्हें सब मिला महज करीबन 7 सौ क्विंटल धान बेचना है पर अभी तक टोकन जारी नहीं किया गया है। ऐसे किसानों में 13 टेकारी के , 02 – 02 कुंडा व खम्हरिया के हैं । इसी तरह कैरी फॉरवर्ड की प्रक्रिया पूरी न हो पाने की वजह के चलते टोकन न मिलने से धान बिक्री की बोहनी भी न कर पाने वाले लगभग 10 किसानों ने जिनमे से 08 टेकारी के व 02 कुंडा के हैं ने जानकारी दी कि उन सब का मिला कुल रकबा लगभग 15 एकड़ है और सभी मिला पात्रतानुसार लगभग 3 सौ क्विंटल धान ही सोसायटी में बेच पायेंगे ।
इस संबंध में सोसायटी प्रबंधन से चर्चा करने पर बीते 23 जनवरी को ही उच्चाधिकारियों को इससे अवगत करा दिये जाने की जानकारी मिलते की बात कहते हुये उन्होंने कहा है कि शासन – प्रशासन की चूक की वजह से किसी भी पात्र किसान का धान सोसायटियों में बिकने से नहीं रुकना चाहिये । उन्होंने क्षेत्र के अन्य सोसायटियों की भी स्थिति से अवगत हो शासन- प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की बात कही है।



