
रायपुर । राजधानी रायपुर के अभनपुर नगर पंचायत में आठ साल पुराने रिश्वतखोरी मामले में कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने रिश्वतखोरी के आरोपी तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी और सब इंजीनियर को दोषी करार देते हुए 3-3 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ ही 50-50 हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनायी है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश मधुसूदन चंद्राकर की ईओडब्ल्यू कोर्ट ने सुनाया।
जानकारी के मुताबिक ये पूरा मामला साल 2018 का है। विशेष लोक अभियोजक विपुल नायक ने बताया कि रिश्वतखोरी के इस प्रकरण में तत्कालीन सीएमओ अनिल शर्मा और सब इंजीनियर सुरेश चंद्र गुप्ता को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने 31 दिसंबर 2018 को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर दोनों को दोषी माना। आपको बता दे रिश्वतखोरी की शिकायत जेपी कंस्ट्रक्शन के प्रोप्राइटर जय प्रकाश गिलहरे ने एसीबी में दर्ज कराई थी।
शिकायत में बताया गया था कि अभनपुर नगर पंचायत में कराए गए निर्माण कार्य के बकाया भुगतान के एवज में सीएमओ और सब इंजीनियर द्वारा 40 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार जय प्रकाश गिलहरे ने अभनपुर नगर पंचायत क्षेत्र में 55 लाख 55 हजार रुपये की लागत से पुष्प वाटिका निर्माण का ठेका लिया था। कार्य पूर्ण होने के बाद पहली किश्त के रूप में 19 लाख 66 हजार रुपये का भुगतान किया जाना था।
आरोप है कि इस भुगतान के लिए जय प्रकाश पहले ही सीएमओ अनिल शर्मा को एक लाख रुपये रिश्वत के तौर पर दे चुका था।इसके बावजूद भुगतान जारी करने के नाम पर सीएमओ ने यह कहते हुए कि इसमें नगर पंचायत अध्यक्ष का भी हिस्सा देना है, अतिरिक्त 40 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। लगातार हो रही रिश्वत की मांग से परेशान होकर ठेकेदार ने एसीबी में इस मामले की शिकायत की थी।
शिकायत के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से 31 दिसंबर 2018 को दोनों अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ गिरफ्तार किया था। भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के इस मामले में विशेष न्यायाधीश मधुसूदन चंद्राकर की ईओडब्ल्यू कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए रिटायर्ड सीएमओं अनिल शर्मा और सब इंजीनियर सुरेश चंद्र गुप्ता को 3-3 साल के सश्रम कारावास के साथ ही 50-50 हजार रूपये जुर्मान की सजा सुनायी है। अदालत के इस फैसले को सरकारी महकमे में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।



