
सक्ती : छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में जिला पंचायत ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) के उप अभियंता धनंजय सिंह चंद्रा को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई निर्माण कार्यों में गंभीर लापरवाही और अनियमितता सामने आने के बाद की गई है।
जानकारी के अनुसार, उप अभियंता धनंजय सिंह चंद्रा पर आरोप है कि उन्होंने पांच निर्माण कार्यों के पूर्ण होने से पहले ही उनका मूल्यांकन (इवैल्यूएशन) प्रस्तुत कर दिया था। इस मामले की शिकायत मिलने के बाद जिला पंचायत द्वारा जांच कराई गई, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं।
जांच दल की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से पाया गया कि संबंधित निर्माण कार्य पूरी तरह से पूर्ण नहीं हुए थे, इसके बावजूद उनके मूल्यांकन की रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई थी। इसे प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन और गंभीर लापरवाही माना गया।मामले की प्रारंभिक जांच के बाद संबंधित अधिकारी को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जिला पंचायत प्रशासन ने उनसे इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा था। हालांकि, अधिकारी द्वारा दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।
इसके बाद जिला पंचायत प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए उप अभियंता धनंजय सिंह चंद्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। निलंबन आदेश जिला पंचायत सक्ती द्वारा जारी किया गया है।आदेश में कहा गया है कि अधिकारी के खिलाफ यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत की गई है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा और विभागीय जांच की प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।
प्रशासन का कहना है कि सरकारी निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है।इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को भी स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी कार्यों में नियमों का पालन अनिवार्य है। प्रशासन का कहना है कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आगे भी निगरानी और जांच की प्रक्रिया जारी रहेगी।



