
गरियाबंद । छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में पुलिस टीम पर जानलेवा हमला का सनसनीेखेज मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम ग्राम कोसमी में जांच के लिए पहुंची थी। जहां आरोपियों ने घेराबंदी कर पुलिस टीम पर टंगिया और डंडे से हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों का यह हमला पुरानी रंजिश और पूर्व में की गई शराब जब्ती की कार्रवाई के विरोध में किया गया। इस घटना में तीन आरक्षक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वहीं पुलिस ने इस वारदात में शामिल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के मुताबिक ये पूरा मामला मैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोसमी का है। बताया जा रहा है कि रविवार की देर शाम दर्रीपारा कैंप में पदस्थ आरक्षक परमेश्वर नेताम, विमल लकड़ा और विनोद मनहर नियमित क्षेत्र भ्रमण के दौरान जांच के लिए ग्राम कोसमी पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि वहां पहले से ही कुछ ग्रामीण पुलिस पर हमला के लिए घात लगाकर बैठे थे। आरोपियों में शामिल भैय्या लाल देवंशी, गोरेलाल, उत्तम और गोलू देवंशी ने सुनियोजित तरीके से पुलिस टीम के गांव में पहुंचते ही चारों तरफ से घेराबंदी कर हमला बोल दिया।
हमले के दौरान मुख्य आरोपी भैय्या लाल ने आरक्षक विमल लकड़ा के सिर पर टांगी से जानलेवा हमला कर दिया। जिससे आरक्षक के चेहरे, नाक और आंख के पास गंभीर चोटें आईं है। घायल आरक्षक के जमीन पर गिरते ही अन्य आरोपियों ने ने डंडों और लात-घूंसों से मारपीट शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि मारपीट के दौरान बीच-बचाव करने आए आरक्षक परमेश्वर और विनोद को भी डंडों से बुरी तरह पीटा गया।
मारपीट का शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह पुलिसकर्मियों की जान बचाई जा सकी। इस घटना में गंभीर रूप से घायल तीनों पुलिस जवानों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। बताया जा रहा है कि अवैध शराब के प्रकरण में पुलिस की कार्रवाई से आरोपी ग्रामीण नाराज थे। जिसका बदला लेने के लिए उन्होने इस वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने इस घटना पर सभी आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।



