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अब गैस उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत, सरकार ने साफ किया- किन्हें करानी होगी ई-केवाईसी और किन्हें नहीं…

नई दिल्ली :  पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एलपीजी उपभोक्ताओं के बीच eKYC को लेकर चल रही उलझनों पर विराम लगा दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया केवल उन चुनिंदा ग्राहकों के लिए अनिवार्य है, जिन्होंने इसे अब तक पूरा नहीं किया है।

मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, निम्नलिखित श्रेणियों के ग्राहकों को गैस एजेंसी के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं है:

सामान्य उपभोक्ता (Non-PMUY): जो ग्राहक ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ के अंतर्गत नहीं आते और अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पहले ही पूरी कर चुके हैं, उन्हें यह प्रक्रिया दोबारा दोहराने की जरूरत नहीं है।

सत्यापित ग्राहक: यदि आपका बायोमेट्रिक डेटा पहले से ही रिकॉर्ड में अपडेटेड है, तो आपका मौजूदा कनेक्शन सुचारू रूप से चलता रहेगा।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी का लाभ केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचे। जिन उज्ज्वला लाभार्थियों ने अभी तक अपना आधार प्रमाणीकरण नहीं कराया है, उन्हें अपनी संबंधित गैस एजेंसी पर जाकर इसे पूरा करना होगा।

क्यों आवश्यक है eKYC?

सरकार इस प्रक्रिया के जरिए एलपीजी वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना चाहती है। ई-केवाईसी के मुख्य उद्देश्य फर्जी कनेक्शन की पहचान कर एक ही नाम पर चल रहे कई अवैध कनेक्शनों को हटाना है। यह सुनिश्चित करना कि सरकार द्वारा दी जा रही राहत सीधे पात्र ग्राहक के बैंक खाते में पहुंचे। उपभोक्ता के डेटा को सुरक्षित और अपडेटेड रखना।

भ्रामक खबरों से बचें

मंत्रालय ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही आधी-अधूरे जानकारी वाली खबरों से न डरें। अगर आपका केवाईसी पहले से अपडेट है, तो आपकी गैस सप्लाई या सब्सिडी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ग्राहक अपनी स्थिति की जांच संबंधित गैस एजेंसी या कंपनी के आधिकारिक मोबाइल ऐप (जैसे- IndianOil One, BharatGas, या HP Pay) के जरिए भी कर सकते हैं।

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