
बालोद। जिले के नगर पंचायत चिखलाकसा स्थित प्री-मैट्रिक छात्रावास में बच्चों के साथ दुर्व्यवहार का एक गंभीर मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। छात्रावास के अधीक्षक शुभम साखरे पर आरोप है कि वह वहां रह रहे छात्रों के साथ मारपीट करते हैं और उन्हें अश्लील गालियां देते हैं। इस घटना के सामने आने के बाद छात्रावास का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया है और बच्चे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
मामले का खुलासा तब हुआ जब इसकी जानकारी जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रशांत बाला बोकड़े को मिली। सूचना मिलते ही वे तत्काल छात्रावास पहुंचे और वहां मौजूद बच्चों से बातचीत कर स्थिति को समझने का प्रयास किया। बच्चों ने उनसे अपने साथ हो रहे दुर्व्यवहार की जानकारी साझा की, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
बताया जा रहा है कि जब प्रशांत बोकड़े ने अधीक्षक से इस संबंध में बात करने की कोशिश की, तो अधीक्षक ने उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया और गाली-गलौज करने लगे। इस दौरान उनका आक्रामक रवैया भी देखने को मिला। पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अधीक्षक आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए साफ तौर पर नजर आ रहे हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए इसकी सूचना तुरंत दिव्या मिश्रा को दी गई। कलेक्टर ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश जारी किए और आदिवासी विभाग के सहायक आयुक्त को मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने को कहा।
निर्देश मिलते ही विभाग की टीम छात्रावास पहुंची और वहां की स्थिति का निरीक्षण किया। इसके बाद पूरे मामले की सूचना दल्लीराजहरा थाना को दी गई। पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी अधीक्षक को हिरासत में लेकर थाने ले गई।
घटना की खबर फैलते ही छात्रावास में रह रहे बच्चों के अभिभावक भी बड़ी संख्या में वहां पहुंचने लगे। परिजनों ने अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई और दोषी अधीक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। कई अभिभावकों ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के लिए छात्रावास भेजा जाता है, लेकिन वहां इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं।



