
रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों बोर्ड परीक्षा के बाद एक नया साइबर ठगी का मामला सामने आ रहा है, जिसमें फर्जी कॉल के जरिए छात्रों और उनके अभिभावकों को निशाना बनाया जा रहा है। “मैं माध्यमिक शिक्षा मंडल से बोल रहा हूं… क्या आपके बेटे का नंबर बढ़वाना है?” जैसे झूठे वादों के साथ ठग लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए अलर्ट जारी किया है। मंडल ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड परीक्षा में नंबर बढ़ाने, पास कराने या मेरिट सूची में नाम दिलाने के नाम पर आने वाले सभी कॉल पूरी तरह से फर्जी हैं और इनका मंडल से कोई संबंध नहीं है।
दरअसल, वर्तमान में बोर्ड परीक्षाओं के समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य जारी है। इसी दौरान ठग सक्रिय हो जाते हैं और छात्रों के रिजल्ट को लेकर उनकी चिंता का फायदा उठाते हैं। वे खुद को मंडल या संबंधित विभाग का अधिकारी बताकर अभिभावकों से संपर्क करते हैं और पैसे के बदले बेहतर परिणाम का लालच देते हैं।
मंडल के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं। वर्ष 2024 और 2025 में भी इसी प्रकार के फर्जी कॉल सामने आए थे, जिनमें छात्रों को पास कराने या नंबर बढ़ाने के नाम पर पैसे की मांग की गई थी। कई मामलों में लोग इन झांसे में आकर आर्थिक नुकसान भी झेल चुके हैं।
मंडल ने साफ तौर पर कहा है कि परीक्षा परिणाम पूरी तरह से पारदर्शी प्रक्रिया के तहत तैयार किए जाते हैं और इसमें किसी प्रकार की बाहरी हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं होती। इसलिए यदि किसी को इस तरह का कॉल आता है तो वह तुरंत सतर्क हो जाए और किसी भी प्रकार का लेन-देन न करें।
इसके साथ ही मंडल ने अभिभावकों और छात्रों से अपील की है कि वे ऐसे मामलों की जानकारी तुरंत अपने नजदीकी पुलिस थाने में दें। साइबर अपराधों को रोकने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है और समय पर शिकायत करने से ऐसे ठगों पर कार्रवाई संभव हो सकती है।
छत्तीसगढ़ पुलिस भी लगातार साइबर ठगी के मामलों को लेकर लोगों को जागरूक कर रही है। पुलिस का कहना है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें, खासकर जब उसमें पैसे से जुड़ा कोई प्रस्ताव दिया जा रहा हो।



