
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर कर्मचारियों को विपश्यना ध्यान शिविर में भाग लेने के लिए 12 दिन का विशेष अवकाश देने की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाना और उन्हें मानसिक तनाव से राहत दिलाना है।
मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की पहल
आज के तेज़-तर्रार और तनावपूर्ण कार्य वातावरण में सरकारी कर्मचारियों पर काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार ने यह महसूस किया कि कर्मचारियों को मानसिक रूप से सशक्त और संतुलित बनाए रखना जरूरी है। इसी सोच के तहत यह विशेष अवकाश योजना लागू की गई है, जिससे कर्मचारी ध्यान और साधना के माध्यम से मानसिक शांति प्राप्त कर सकें।
विपश्यना ध्यान शिविर के लिए मिलेगा अवकाश
इस आदेश के अनुसार, राज्य के अधिकारी और कर्मचारी मान्यता प्राप्त विपश्यना ध्यान शिविर में भाग लेने के लिए अधिकतम 12 दिनों का विशेष अवकाश ले सकेंगे। विपश्यना ध्यान को आत्म-अवलोकन और मानसिक शुद्धि की एक प्रभावी पद्धति माना जाता है, जो व्यक्ति को तनाव, चिंता और मानसिक दबाव से मुक्ति दिलाने में सहायक होती है।

शर्तों के साथ मिलेगा अवकाश
हालांकि, यह अवकाश कुछ निर्धारित शर्तों के साथ ही प्रदान किया जाएगा। कर्मचारियों को शिविर में भाग लेने के लिए पूर्व अनुमति लेनी होगी और संबंधित प्रमाण भी प्रस्तुत करना होगा। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अवकाश के कारण कार्यालयीन कार्य प्रभावित न हों। विभागीय अधिकारियों को यह अधिकार दिया गया है कि वे आवश्यकतानुसार अवकाश को स्वीकृत या अस्वीकृत कर सकें।
कार्यकुशलता बढ़ाने पर जोर
सरकार का मानना है कि मानसिक रूप से स्वस्थ कर्मचारी अधिक प्रभावी और उत्पादक होते हैं। ध्यान और योग जैसी गतिविधियों से न केवल तनाव कम होता है, बल्कि एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता भी बेहतर होती है। इस पहल से सरकारी कार्यों की गुणवत्ता में भी सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।इस फैसले के बाद सरकारी कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है। कई कर्मचारियों ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि इससे उन्हें मानसिक शांति और व्यक्तिगत विकास का अवसर मिलेगा।



