
तिल्दा/रवि कुमार तिवारी। तिल्दा नेवरा में बिगत छः दिनों से निरंतर घनश्याम मिश्रा द्वारा आयोजित श्री शिवाय महापुराण कथा का आयोजन पंडित श्री प्रदीप मिश्रा द्वारा की जा रही है। जिसमें आस पास के क्षेत्र वासियों के साथ साथ दूर दराज से भीं शिवाय भक्त लाखों की संख्या मे निरंतर आ रहे है जिससे नगर मे भीड़ की स्थिति बन गयी है तथा व्यवस्था ठप सी पड़ गयी है। आयोजक बंधु के साथ कार्यकर्ताओ के द्वारा निरंतर बैठक व्यवस्था की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है लेकिन भक्तो की भीड़ इतनी विसाल है की सब व्यवस्था धरि की धरि रह गयी है दस दस किलोमीटर तक निरंतर भीड़ है। जितने भक्त पंडाल जे अंदर है उससे कहीं ज्यादा पंडाल के बाहर और रोड ने विचरण जर रहे है लोग निरंतर आ रहे है जा रहे है फिर भीं संख्या मे कमी नहीं हो रही आज छठवे दिन तों करीब 50000 लोग रह मे ही खडे पाए गए यह एक विशाल आयोजन है जो तिल्दा नगर के लिए एक मिसाल बन गया है आज तक नगर मे इस तरह का भव्य आयोजन नहीं हो पाया है। ये अपने आप मे अपनी महानता को प्रदर्शित करता है आम लोगो से बात करने पर पता चला की सब शिवाय की महिमा है समस्या के विषय मे बात करने पर साउंड व्यवस्था मंच के बाहर भीं लगाने की बात सामने आयी जिससे भक्त गण यथा स्थान कथा का लाभ ले सके इसी तरह आस पास के लोग नगर वासी, व्यपारी अपने द्वारा भक्तो को विभिन्न प्रकार के खाद्य वस्तुवो का प्रसादी के रूप मे यथाशक्ति निर्णत्तऱ वितरण किया जा रहा है तथा बलौदा बज़ार क्षेत्र से बोल बम समिति के द्बारा भीं यहां आकर आज प्रसाद वितरण कराया गया भक्तो मे भसरी उत्साह देखने को मिला लोगो को कथा स्थल तक जाने के लिए कई समितियों द्वारा खरोरा,बलौदा, रायपुर, सिमगा आदि जगहों से अवागमन की व्यवस्था भीं की गयी हैलोग अपने गाड़ी मोटर सायकल, पैदल बस, तथा रेल आदि से श्रद्धालू निरंतर लाभ ले रहे है।
आज तों लगभग 25 से 30 हजार श्रद्धालूवो को ट्रेन से वापस भेजा गया क्योंकि तिल्दा शहर मे जगह की कमी हो गयी है जहां भक्त रात दिन पंडाल पर ही लाखों की संख्या मे निरंतर रहते है वही विठलेश सेवा समिति तथा आयोजक द्वारा भोजनालय की व्यवस्था भीं भक्तो के लिए की गयी है लोगो को कथा स्थल मे जाने के लिए करीब 5 किलोमीटर से पैदल जाना पड़ता है क्योंकि आगे गाडी नहीं जा सकती यह विसाल भीड़ लोगो के साथ साथ गाड़ियों की भीं भयावह भीड़ देखि जा सकती है।गाडी स्टेण्ड मे जगह ही नहीं है लोग यथा स्थान अपना गाड़ी पार्क कर रहे है बहुत से भेजता रोड पर ही एक दो किलोमीटर से दोनों ओर बैठे हुए है जहाँ तक आवा भीं नहीं जा रही है खते है श्रद्धा अंधा होता है वो विश्वास पर टिका होता है और अंत मे कहे तों यह भक्तजनो का श्री महाकाल के प्रति आगाध प्रेम और श्रद्धा है तथा प्रदीप मिश्रा जी के वक्तव्य का आकर्षण, अतः शिवाय भजतो का यह प्रेम और विश्वास् अनुपम है।
आज की कथा मे श्री प्रदीप मिश्रा जी द्वारा भगवान् को अपने जीवन मे दिए गए समय का महत्व बताया था खत के माध्यम से भक्तो के जीवन मे हुए चमत्कार को बताया जिसमे अनेकानेक असाध्य बिमारी,जीवन मे उन्नति, नौकरी आदि आदि कई गंभीर समस्याओ का हल शिव की भक्ति और विश्वास से प्राप्त हुवा है अतः उपयुक्त बात थी की निरंतर शिवाय मंत्र श्री शिवाय नमतुभयं का जाप और प्रति दिन शिव मंदिर मे एक लोटा जल के प्रभाव का वर्णन है उनके अनुसार भगवान् शिवाय सबसे दयालु और कृपालू है वह सभी की सुनते है भगवान् को कोई चढ़ावा नहीं बल्कि हमारे द्वारा दिया गया भाव पूर्ण समय ही स्वीकार है।