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G20 के घोषणा पत्र पर बनी सहमति, पीएम मोदी बोले – मुझे अच्छी खबर मिली है … जानें क्या है घोषणा पत्र में …

नई दिल्ली। G20 समिट के पहले दिन ही साझा घोषणा पत्र पर सहमति बन गई है। समिट का पहला सेशन वन अर्थ पर हुआ जिस दौरान पीएम मोदी ने अफ्रीकी संघ को G20 की सदस्यता देने का प्रस्ताव रखा, जिस पर सदस्यीय देशों ने सहमति जताई। इसके बाद पीएम मोदी ने अफ्रीकन यूनियन के अध्यक्ष को G20 के सदस्य के तौर पर सीट ग्रहण करने का अनुरोध किया।

 

दूसरे सेशन की शुरुआत वन फैमिली से शुरु हुआ जिसमे प्रधानमंत्री मोदी ने बतौर अध्यक्ष यह जानकारी दी कि G20 के घोषणा पत्र पर सहमति बनी। उन्होंने सभी सदस्य देशों की सहमति से नई दिल्ली डिक्लेरेशन पाारित कर दिया। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि सभी देशों ने नई दिल्ली के घोषणा पत्र को मंजूर किया है। वहीं, निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमें चुनौतिपूर्ण समय में अध्यक्षता मिली।

घोषणा पत्र में यूक्रेन जंग का 4 बार जिक्र हुआ है। PM मोदी के जंग पर UN में दिए भाषण के हिस्से को भी जोड़ा गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ये युग युद्ध का नहीं है। समिट के पहले सेशन में भारत ने अफ्रीकन यूनियन को G20 का परमानेंट मेंबर बनाने का प्रस्ताव रखा था। बतौर अध्यक्ष सभी देशों की सहमति से PM मोदी ने जैसे ही इसे पारित किया, अफ्रीकन यूनियन के हेड अजाली असोमानी जाकर PM मोदी के गले लग गए। भारत के प्रस्ताव का चीन और यूरोपियन यूनियन ने भी समर्थन किया। यूनियन को मेंबरशिप मिलने से अफ्रीका के 55 देशों को फायदा होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा – ‘मुझे अच्छी खबर मिली है। हमारी टीम की कड़ी मेहनत के कारण नई दिल्ली G20 नेताओं के शिखर सम्मेलन घोषणा पर आम सहमति बन गई है। मेरा प्रस्ताव इस नेतृत्व घोषणा को अपनाने का है। इस घोषणा को अपनाने की घोषणा करता हूं। इस अवसर पर मैं अपने शेरपाओं, मंत्रियों को बधाई देता हूं, जिन्होंने इसके लिए कड़ी मेहनत की और इसे संभव बनाया।

“यूक्रेन में युद्ध के संबंध में बाली में हुई चर्चा को दोहराते हुए हमने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और संयुक्त राष्ट्र महासभा(A/RES/ES-11/1 और A/RES/ES-11/6) प्रस्तावों पर अपने राष्ट्रीय रुख को दोहराया और इस बात पर ज़ोर दिया कि सभी देशों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों के अनुरूप कार्य करना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुरूप, सभी राज्यों को किसी भी राज्य की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता या राजनीतिक स्वतंत्रता के खिलाफ क्षेत्रीय अधिग्रहण की धमकी या बल के उपयोग से बचना चाहिए। परमाणु हथियारों का उपयोग या उपयोग की धमकी अस्वीकार्य है।”

जी-20 पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा – हमारी अध्यक्षता का संदेश ‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर’ है। भारत की अध्यक्षता में आयोजित जी-20 में 20 सदस्य देशों 9 आमंत्रित देशों और 14 अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं ने हिस्सा लिया। हमारे लिए यह संतुष्टि की बात है कि अफ्रीकन यूनियन को आज भारत की अध्यक्षता में जी-20 को स्थायी सदस्यता दी गई।

यह हमारे लिए हमारी संस्कृति, परंपरा और विरासत को दर्शाने का एक अवसर था। जी-20 ने भारत को विश्व के लिए तैयार करने और विश्व को भारत के लिए तैयार करने में योगदान दिया है। जी-20 लीडर्स ने आज जिस डिक्लेरेशन पर सहमति व्यक्त की है, वह मजबूत टिकाऊ, संतुलित और समावेशी विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। यह एसडीजी(सतत विकास लक्ष्य) की प्रगति में तेजी लाने का प्रयास करेगा।

जी-20 नेताओं ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की निंदा की और माना कि यह अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक है।

वहीँ केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा – डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को जी20 वित्तीय समावेशन कार्य योजना में भी एकीकृत किया गया है, जो 2024 और 2026 के बीच चलेगा। बेहतर, बड़े और अधिक प्रभावी बहुपक्षीय विकास बैंक(MDB) की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की गई। बेहतर बड़े और अधिक प्रभावी एमडीबी का होना आवश्यक है क्योंकि दुनिया भर से विकासात्मक मांगें बहुत बढ़ रही हैं, इसलिए इन संस्थानों को बेहतर और बड़ा बनाना होगा।

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