छत्तीसगढ़रायपुर

आधे घंटे में दो बार वाकआउट, विधानसभा में गूंजा फिटनेस और परमिट वाली गाड़ियों का मुद्दा, जवाब से असंतुष्ट विपक्ष का दो बार बहिर्गमन

रायपुर । छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को परिवहन से जुड़े मुद्दों पर जमकर हंगामा हुआ। सदन में बिना फिटनेस, परमिट और ओवरलोडिंग गाड़ियों का मामला जोरदार तरीके से उठा, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। प्रश्नकाल के दौरान यह मुद्दा उठने के बाद सदन का माहौल काफी गरमा गया और विपक्ष ने जवाब से असंतुष्ट होकर आधे घंटे के भीतर दो बार बहिर्गमन कर दिया।

दरअसल, इस मुद्दे को विधायक ओंकार साहू ने सदन में उठाया। उन्होंने राज्य में चल रही बिना फिटनेस, बिना परमिट और ओवरलोडिंग करने वाली गाड़ियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी। इस पर परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने सदन को बताया कि प्रदेश में ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है।

मंत्री केदार कश्यप ने अपने जवाब में बताया कि बिना परमिट और बीमा के चलने वाले वाहनों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। उन्होंने जानकारी दी कि ऐसे कुल 77 हजार 810 प्रकरण बनाए गए हैं। इन मामलों में कुल 42 करोड़ 79 लाख 5 हजार 300 रुपये की वसूली की गई है। मंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर सरकार गंभीर है और परिवहन विभाग लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई कर रहा है।

हालांकि मंत्री के जवाब से विपक्ष संतुष्ट नजर नहीं आया। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और विधायक भूपेश बघेल ने मंत्री के जवाब पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मंत्री सवालों का ठीक से जवाब नहीं दे पा रहे हैं और बिना पर्याप्त तैयारी के जवाब दे रहे हैं। भूपेश बघेल ने सुझाव दिया कि इस विषय पर अलग से समय निर्धारित किया जाए, ताकि विभाग से पूरी और स्पष्ट जानकारी दी जा सके।

भूपेश बघेल ने यह भी कहा कि यदि विभाग सही तरीके से जवाब नहीं दे पा रहा है तो इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए और विभाग को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। उनके इस बयान के बाद सदन में माहौल और गरमा गया।इस दौरान सत्ता पक्ष के विधायक अजय चंद्राकर ने भूपेश बघेल के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल मंत्री को धमकाने का प्रयास कर रहे हैं, जो उचित नहीं है। इस पर भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने केवल सवाल पूछा है और सरकार से जवाब मांगा है।

दोनों पक्षों के बीच हुई इस तीखी नोकझोंक के चलते सदन में कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। मंत्री केदार कश्यप ने अंत में कहा कि यदि सदस्यों को और विस्तृत जानकारी चाहिए तो विभाग अलग से पूरी जानकारी उपलब्ध करा देगा।हालांकि विपक्ष इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ और विरोध जताते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया। खास बात यह रही कि आधे घंटे के भीतर विपक्षी सदस्यों ने दो बार बहिर्गमन किया, जिससे सदन की कार्यवाही के दौरान राजनीतिक तापमान काफी बढ़ा हुआ नजर आया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button