भारतीय बाजार में टू-व्हीलर की जंग: Honda Shine दूसरे तो Bajaj Pulsar तीसरे पायदान पर, देखें टॉप-5 लिस्ट

नई दिल्ली : भारतीय टू-व्हीलर सेक्टर के लिए साल 2026 की शुरुआत काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है। जनवरी 2026 के सेल्स डेटा के अनुसार, जापानी दिग्गज Honda और स्वदेशी कंपनी Bajaj के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली है। जहां होंडा शाइन अपनी बादशाहत बरकरार रखने की कोशिश में है, वहीं बजाज पल्सर ने सालाना आधार पर जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की है। मिड-सेगमेंट और एंट्री-लेवल बाइक्स की इस रेस में ग्राहकों का भरोसा एक बार फिर भरोसेमंद ब्रांड्स पर टिका नजर आ रहा है।
Honda Shine: दूसरे स्थान पर कब्जा, लेकिन बिक्री में मामूली गिरावट
जापानी निर्माता होंडा की सबसे लोकप्रिय बाइक Shine इस बार बिक्री के मामले में दूसरे पायदान पर रही। आंकड़ों के मुताबिक, January 2026 के दौरान इसकी कुल 1.61 लाख से ज्यादा यूनिट्स की बिक्री हुई है। हालांकि, अगर तुलना पिछले साल से करें, तो इसमें गिरावट देखी गई है। जनवरी 2025 में कंपनी ने 1.68 लाख यूनिट्स बेची थीं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती पैठ और प्रीमियम सेगमेंट की ओर युवाओं के झुकाव के कारण 125cc सेगमेंट में यह मामूली अंतर आया है।
Bajaj Pulsar और TVS Apache: युवाओं की पसंद ने बदली रैंकिंग
बजाज ऑटो की ओर से पेश की जाने वाली Pulsar सीरीज ने इस महीने शानदार प्रदर्शन किया है। जनवरी 2026 में देशभर में पल्सर की 1.29 लाख से ज्यादा यूनिट्स खरीदी गईं।
Bajaj Pulsar: साल 2025 की समान अवधि में यह आंकड़ा 1.04 लाख था, जो स्पष्ट तौर पर कंपनी की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
TVS Apache: टॉप-5 में जगह बनाने वाली टीवीएस अपाचे ने भी चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं। बीते महीने 51 हजार से ज्यादा लोगों ने इसे घर पहुंचाया, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा महज 34 हजार के करीब था।
Hero HF Deluxe: गांव और छोटे शहरों में आज भी पहली पसंद
हीरो मोटोकॉर्प की एंट्री लेवल बाइक HF Deluxe ने अपनी मजबूत पकड़ साबित की है। किफायती माइलेज और लो-मेंटेनेंस के कारण इसकी कुल 71 हजार से ज्यादा यूनिट्स बिकी हैं। जनवरी 2025 के मुकाबले (62 हजार यूनिट्स) इसमें लगभग 14% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो यह संकेत देता है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा है।
बाजार विशेषज्ञों की राय
“जनवरी के आंकड़े बताते हैं कि भारतीय ग्राहक अब केवल माइलेज नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस और स्टाइल (जैसे पल्सर और अपाचे) पर भी खर्च करने को तैयार हैं। होंडा शाइन का दबदबा कायम है, लेकिन प्रतिस्पर्धा अब और भी ज्यादा मुश्किल हो गई है।” — राजेश कुमार, सीनियर ऑटोमोबाइल एनालिस्ट
आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या हीरो अपनी स्प्लेंडर (नंबर 1 पोजीशन) के साथ इस अंतर को और बढ़ाता है या होंडा शाइन वापस अपनी खोई हुई रफ्तार हासिल कर पाती है। फिलहाल, बजाज और टीवीएस के स्पोर्ट्स सेगमेंट ने बाजार में हलचल पैदा कर दी है।



