क्या है वो ट्रेंड, जिसने कंपनियों की नींद उड़ाई? क्या हैं Gen Z का नया मंत्र

नई दिल्ली : एक दौर था जब लोग एक ही कंपनी में दशक गुजार देते थे और रिटायरमेंट तक वहीं रहते थे। लेकिन आज की युवा पीढ़ी (Gen Z) के लिए करियर कोई ‘लंबी दौड़’ नहीं, बल्कि ‘तालाब में तैरने’ जैसा है। इसी नई सोच को कॉर्पोरेट जगत में ‘लिली पैडिंग’ का नाम दिया गया है।
क्या है ‘लिली पैडिंग’ ट्रेंड?
जिस तरह एक मेंढक तालाब में कमल के पत्तों (Lily Pads) पर एक जगह से दूसरी जगह फुदकता है, ठीक वैसे ही आज के युवा बहुत कम समय में अपनी नौकरी, कंपनी और यहाँ तक कि पूरी इंडस्ट्री बदल रहे हैं। इनका मकसद किसी एक जगह वफादारी दिखाने के बजाय, कम समय में अधिक स्किल्स सीखना और खुद को फ्लेक्सिबल बनाना है।
क्यों बदल रही है युवाओं की सोच?
विशेषज्ञों का मानना है कि Gen Z के लिए अब सिर्फ सैलरी ही सब कुछ नहीं है। वे ऐसी जगहों की तलाश में रहते हैं जहाँ:
तेजी से स्किल डेवलपमेंट हो सके।
वर्क-लाइफ बैलेंस और मेंटल हेल्थ को प्राथमिकता मिले।
नया अनुभव लेने के लिए करियर स्विच करना आसान हो।
चुनौती या अवसर?
जहाँ कंपनियां इस ‘जंपिंग’ कल्चर से परेशान हैं, वहीं युवाओं का मानना है कि अलग-अलग सेक्टर्स में काम करने से उनका नजरिया व्यापक होता है। ‘लिली पैडिंग’ यह साबित कर रहा है कि अब करियर की सफलता का पैमाना स्थिरता (Stability) नहीं, बल्कि आपकी अनुकूलन क्षमता (Adaptability) है



