धार्मिक

3 मार्च को भद्रा और ग्रहण का साया, जानें आपके शहर में दहन का सटीक समय और शुभ मुहूर्त

धार्मिक : बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व ‘होलिका दहन’ इस साल 3 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, इस बार का त्योहार विशेष खगोलीय संयोगों के बीच पड़ रहा है। 3 मार्च को ही पूर्ण चंद्र ग्रहण भी लग रहा है, जिसके कारण सूतक काल और भद्रा की उपस्थिति ने पूजा के समय को लेकर श्रद्धालुओं में भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है। धर्मशास्त्रीय विद्वानों के अनुसार, होलिका दहन का मुख्य मुहूर्त शाम 06:22 बजे से रात 08:50 बजे तक रहेगा।

3 मार्च को चंद्र ग्रहण और सूतक का प्रभाव

इस साल फाल्गुन पूर्णिमा पर लगने वाला चंद्र ग्रहण भारत के कई हिस्सों में दिखाई देगा। ग्रहण का सूतक काल सुबह 06:23 बजे से ही शुरू हो जाएगा, जो शाम को ग्रहण समाप्ति तक रहेगा। हालांकि, पंडितों का तर्क है कि होलिका दहन एक ‘नैमित्तिक कर्म’ है, इसलिए ग्रहण के मोक्ष के तुरंत बाद शुद्धिकरण करके शुभ मुहूर्त में दहन किया जा सकता है। पूर्णिमा तिथि 3 मार्च को शाम 05:07 बजे समाप्त हो जाएगी, लेकिन प्रदोष काल में पूर्णिमा की उपस्थिति के कारण 3 मार्च की रात ही दहन शास्त्र सम्मत माना जा रहा है।

ज्योतिषीय विश्लेषण: इन राशियों पर रहेगा ग्रहों का विशेष असर

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, होलिका दहन की अग्नि नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करने का सबसे शक्तिशाली माध्यम है। इस वर्ष दहन के समय चंद्रमा सिंह राशि और पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र में होगा।

मेष और सिंह राशि: इन जातकों के लिए दहन की अग्नि में पीली सरसों अर्पित करना करियर की बाधाओं को दूर करेगा।

वृश्चिक और शनि की साढ़ेसाती वाले जातक: काले तिल और सूखा नारियल अग्नि में डालने से मानसिक तनाव और राहु-शनि के दोषों से मुक्ति मिलेगी।

मिथुन और कन्या राशि: दहन के समय ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप आर्थिक स्थिरता लाएगा।

विद्वानों का मत और आधिकारिक बयान

“इस बार ग्रहण और भद्रा के कारण समय का चयन बहुत सूक्ष्म है। भद्रा 3 मार्च की सुबह 04:30 बजे समाप्त हो जाएगी, इसलिए शाम का समय दहन के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। ग्रहण का प्रभाव शाम 06:46 बजे खत्म होगा, जिसके बाद स्नान-दान कर दीप प्रज्वलित करना श्रेष्ठ है।” — आचार्य रामानुज शास्त्री, प्रमुख पंचांग विशेषज्ञ

नागरिकों के लिए गाइडलाइन और सुरक्षा इंतज़ाम

नगर निगम और स्थानीय प्रशासन ने बढ़ती गर्मी और सूखे पत्तों के कारण सुरक्षा के कड़े निर्देश जारी किए हैं। MG रोड, सिविल लाइंस और टाउन हॉल जैसे प्रमुख चौराहों पर फायर टेंडर तैनात रहेंगे। प्रशासन ने अपील की है कि बिजली की तारों के नीचे होलिका न जलाएं। साथ ही, अगले दिन 4 मार्च को मनाई जाने वाली धुलेंडी (रंगों की होली) के लिए पानी की बर्बादी रोकने हेतु ‘सूखी होली’ को बढ़ावा देने का आह्वान किया गया है।

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