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बस्तर में विदेशी फंडिंग और मतांतरण की जांच तेज, ईडी के रडार पर 153 संस्थाएं, गांवों-गांवों तक फैला जाल

रायपुर। माओवाद प्रभावित बस्तर क्षेत्र में कथित मतांतरण गतिविधियों को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है। विदेशी फंडिंग के जरिए मतांतरण के आरोपों के बाद अब 153 संस्थाएं जांच के घेरे में हैं।सूत्रों के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय को जांच में यह जानकारी मिली है कि अमेरिकी मिशनरी संस्था The Timothy Initiative ने बस्तर और धमतरी क्षेत्र में करीब साढ़े छह करोड़ रुपये एटीएम के माध्यम से निकाले। इसके बाद एजेंसी ने उन अन्य संस्थाओं के लेन-देन की भी जांच शुरू कर दी है, जिन पर विदेशी धन के दुरुपयोग का संदेह है।

जांच एजेंसियों को यह भी इनपुट मिले हैं कि इन संस्थाओं द्वारा आदिवासी क्षेत्रों में लोगों को प्रलोभन देकर मतांतरण कराने के लिए विदेशी फंड का उपयोग किया गया। इस संबंध में विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम के तहत पंजीकृत संस्थाओं की गतिविधियों पर केंद्र और राज्य सरकार ने निगरानी और कड़ी कर दी है।

बताया जा रहा है कि बस्तर के लगभग 70 प्रतिशत गांवों में विदेशी धन के जरिए इस तरह की गतिविधियां संचालित होने के संकेत मिले हैं। जांच में 18 ऐसी विशिष्ट संस्थाओं की पहचान की गई है, जिन्हें सीधे विदेशी फंड प्राप्त हुआ है। ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह पैसा किन-किन माध्यमों से गांवों तक पहुंचा और इसका उपयोग कैसे किया गया।

आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2025 तक प्रदेश में 364 गैर-सरकारी संस्थाएं सक्रिय थीं। जांच के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर 84 संस्थाओं की फंडिंग रोक दी गई है, जबकि 127 संस्थाओं की मान्यता पूरी तरह समाप्त कर दी गई है।

इस पूरे मामले में पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने जांच शुरू की थी, जिसके बाद अब ईडी भी सक्रिय हो गई है। राज्य के गृह विभाग द्वारा केंद्र सरकार को भेजे गए पत्र के आधार पर यह कार्रवाई तेज हुई है। उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने भी संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में इस मामले में बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

हाल ही में ईडी ने इस मामले से जुड़े पहलुओं की जांच के लिए देश के छह राज्यों में एक साथ तलाशी अभियान भी चलाया था। जांच में यह भी सामने आया है कि नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच डेबिट कार्ड के माध्यम से करीब 95 करोड़ रुपये भारत लाए गए।

राजनांदगांव में सामने आए मतांतरण प्रकरण में भी टीटीआई नेटवर्क के तार जुड़े पाए गए हैं। जांच के दौरान डेविड चाको नामक व्यक्ति को इस नेटवर्क का प्रमुख संचालक बताया गया, जो कथित रूप से विभिन्न समूहों को प्रशिक्षण देता था। उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया और गिरफ्तारी के बाद उसे जमानत भी मिल चुकी है।

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