
बिलासपुर/सक्ती। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रविवार को बड़ी कार्रवाई की। बिलासपुर और सक्ती जिले में अलग-अलग ट्रैप कार्रवाई करते हुए ACB की टीम ने दो सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इनमें बिलासपुर कलेक्ट्रेट में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 विजय पांडेय और सक्ती जिले के चंद्रपुर थाना में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक (ASI) एस.एन. मिश्रा शामिल हैं।
पहली कार्रवाई बिलासपुर कलेक्ट्रेट में की गई। जानकारी के मुताबिक आरोपी विजय पांडेय अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (ADM) एवं न्याय निर्णयन अधिकारी कार्यालय में सहायक ग्रेड-3 के पद पर कार्यरत है। शिकायतकर्ता कोटा निवासी होटल संचालक देवेंद्र कश्यप ने ACB से शिकायत की थी कि उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई चल रही है।
शिकायत में बताया गया कि आरोपी कर्मचारी ने देवेंद्र कश्यप को डराया कि मामले में उस पर एक लाख रुपए तक का जुर्माना लग सकता है। इसके बाद आरोपी ने कम जुर्माना कराने के नाम पर 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी पहले ही 5 हजार रुपए ले चुका था और शेष 15 हजार रुपए की मांग कर रहा था।
शिकायत सत्यापित होने के बाद ACB ने ट्रैप की योजना बनाई। रविवार को आरोपी ने शिकायतकर्ता को ADM कार्यालय बुलाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को 15 हजार रुपए दिए, पहले से मौजूद ACB टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम ने मौके से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली।
ACB अधिकारियों के अनुसार आरोपी विजय पांडेय के खिलाफ पहले भी रिश्वत लेने की शिकायतें मिल चुकी थीं। फिलहाल आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
इसी तरह दूसरी कार्रवाई सक्ती जिले में की गई। यहां चंद्रपुर थाना में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक (ASI) एस.एन. मिश्रा को 20 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। शिकायतकर्ता बालपुर निवासी शिव प्रसाद बरेठ ने ACB को बताया था कि उसके और उसके परिवार के खिलाफ दर्ज मारपीट मामले में कड़ी कार्रवाई से बचाने के बदले ASI ने 40 हजार रुपए रिश्वत मांगी थी।
ACB जांच में सामने आया कि आरोपी ASI पहले ही 20 हजार रुपए ले चुका था। इसके बाद शेष रकम लेने के लिए दूसरी किश्त तय की गई। ACB ने ट्रैप लगाते हुए शिकायतकर्ता को चंद्रपुर के गुड्डू ढाबा भेजा। जैसे ही ASI एस.एन. मिश्रा ने 20 हजार रुपए लिए, ACB टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम ने मौके से रिश्वत की रकम भी जब्त कर ली।
दोनों मामलों में ACB की कार्रवाई के बाद सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और रिश्वत मांगने वाले किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
ACB ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी काम के बदले रिश्वत मांगता है तो उसकी शिकायत तुरंत एंटी करप्शन ब्यूरो से करें। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।



