लो महंगा हो गया गैस, पीएम मोदी के ऐलान के बाद पहली बार बढ़ी कीमतें, जानिए कितने रुपए करने होंगे भुगतान

मुंबई। पेट्रोल-डीजल की किल्लत अब वैश्विक संकट बनने लगा है। दुनिया के कई देशों के पास महज 1 महीने का भी स्टॉक नहीं है। ऐसे में कीमतों में बेतहाशा वृद्धि देखने को मिल रही है। पाकिस्तान, नेपाल और श्रीलंका जैसे देशों में तो लॉकडाउन जैसे हालत बन चुके हैं, यहां सरकार ने वर्क फ्रॉम होम पैटर्न लागू करना शुरू कर दिया है। वहीं, भारत सरकार ने भी लोगों से ईंधन की खपत कम करने की अपील की है। इस बीच महानगर गैस ने सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है।
2 रुपए प्रति किलो महंगा हुआ गैस
आज जारी रेट के अनुसार मुंबई महानगर क्षेत्र में सीएनजी की कीमत में 2 रुपए प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई है। नए रेट के अनुसार अब मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई समेत MMR में सीएनजी की कीमत 84 रुपए प्रति किलोग्राम हो गया है। बता दें कि इससे पहले सीएनजी की कीमत 82 रुपए प्रति किलोग्राम थी। बता दें कि महानगर गैस ने बढ़ती इनपुट कॉस्ट और बाजार परिस्थितियों के चलते सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से गैस की बढ़ती वैश्विक कीमतों और पश्चिम एशिया में अशांति से जुड़े करेंसी में उतार-चढ़ाव के कारण हुई है।
गैस खरीद की लागत में वृद्धि
एक बयान में कंपनी ने कहा, “ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चेन को प्रभावित करने वाली भू-राजनीतिक बाधाओं, साथ ही गैस के महंगे सोर्सेज पर बढ़ती निर्भरता, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और कुल मिलाकर रुपए में गिरावट के कारण, गैस खरीद की लागत में काफी वृद्धि हुई है।” वहीं, दूसरी ओर CNG महंगी होने के कारण ऑटो-रिक्शा यूनियनों ने किराया बढ़ाने की मांग तेज कर दी है। इन यूनियनों का कहना है कि लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों से ड्राइवरों की इनकम प्रभावित हो रही है। ऑटो यूनियनों ने बेस किराए में कम से कम ₹1 बढ़ोतरी की मांग रखी है।
84 प्रति किलोग्राम की नई दर
MGL ने कहा कि CNG, पेट्रोल और डीजल के मुकाबले अब भी किफायती बनी हुई है। MGL के एक अधिकारी के अनुसार, “₹84 प्रति किलोग्राम की नई दर के बावजूद, मौजूदा रेट पर CNG अभी भी पेट्रोल के मुकाबले 44% और डीजल के मुकाबले 7% की बचत का ऑप्शन है।”
पीएम मोदी ने की थी देशवासियों से अपील
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से ऊर्जा संकट की गंभीरता को समझते हुए कुछ कड़े कदम उठाने और आदतों में बदलाव करने का आग्रह किया है। उन्होंने नागरिकों से पेट्रोल-डीजल को सावधानी से खर्च करने और बर्बादी रोकने की अपील की है। पीएम ने गैर-जरूरी सोने की खरीदारी टालने और खाद्य तेल (Edible Oil) के इस्तेमाल में भी कटौती करने की सलाह दी है। इन बयानों से बाजार में यह चर्चा तेज हो गई है कि अगर संकट बढ़ा, तो सरकार भविष्य में मांग को नियंत्रित करने के लिए कुछ कड़े फैसले ले सकती है।



