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DPI का सभी JD व DEO को पत्र : 30 जून तक पदोन्नति पूरी करने के निर्देश, शिक्षक और लिपिक संवर्ग के रिक्त पदों की जानकारी मांगी

डीपीआई द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव द्वारा 12 मई 2026 को आयोजित विभागीय बैठक में निर्देश दिए गए थे कि जिले स्तर पर संवर्गवार पदों की स्थिति की जानकारी एक सप्ताह के भीतर शासन को उपलब्ध कराई जाए। इसी के तहत सभी जिलों से बिंदुवार जानकारी मांगी गई है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिला कार्यालय, विकासखंड कार्यालय और स्कूलों में पदों की स्थिति अलग-अलग प्रस्तुत की जाए। इसके अलावा संभागीय कार्यालयों में स्वीकृत, कार्यरत और रिक्त पदों की जानकारी भी पृथक रूप से उपलब्ध करानी होगी।

पत्र में यह भी निर्देश दिया गया है कि 1 अप्रैल 2025 की स्थिति में सभी पदों की पदक्रम सूची तैयार कर भेजी जाए। साथ ही पदोन्नति के मामलों में शैक्षिक योग्यता, दिव्यांग आरक्षण और सीधी भर्ती के लिए वर्तमान जिलेवार आरक्षण रोस्टर का पालन करते हुए रिक्त पदों की गणना की जाए।

डीपीआई ने ई और टी संवर्ग की जानकारी अलग-अलग देने के निर्देश भी दिए हैं। विभाग ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि उपलब्ध कराई जाने वाली जानकारी यू-डाइस डाटा से भिन्न नहीं होनी चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को पहले यू-डाइस डाटा अपडेट करने और उसके बाद ही जानकारी भेजने को कहा गया है।

सबसे अहम निर्देश पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर जारी किए गए हैं। डीपीआई ने कहा है कि अद्यतन भर्ती नियमों के तहत शिक्षक संवर्ग, जिसमें शिक्षक, प्रधान पाठक प्राथमिक शाला, प्रधान पाठक माध्यमिक शाला और लिपिक वर्गीय संवर्ग शामिल हैं, के पदोन्नति संबंधी रिक्त पदों की पूर्ति 30 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरी की जाए।विभाग ने साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में पदोन्नति के प्रकरण लंबित नहीं रहने चाहिए। अधिकारियों को समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक कार्यवाही पूरी करने को कहा गया है।

इसके अलावा संभागीय संयुक्त संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वे अधीनस्थ जिलों से प्राप्त जानकारी का संकलन कर पृथक-पृथक कार्यालयवार और विकासखंडवार विवरण शासन को भेजना सुनिश्चित करें।शिक्षा विभाग के इस कदम को लंबे समय से लंबित पदोन्नति और रिक्त पदों की समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे प्रदेश के स्कूलों और शिक्षा कार्यालयों में कर्मचारियों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया में तेजी आएगी।

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