
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ राज्य सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कड़े निर्देशों के बाद खनिज विभाग ने प्रदेशभर में कार्रवाई और निगरानी तेज कर दी है। सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विभागीय टीम दिन-रात सक्रिय रहकर अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण करने में जुटी हुई है।
खनिज विभाग द्वारा रात्रिकालीन गश्त, औचक निरीक्षण, छापेमार कार्रवाई और सघन निगरानी अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा अवैध खनन पर नजर रखने के लिए ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
आरंग तहसील के कागदेही गांव में मिला अवैध रेत भंडारण
खनिज साधन विभाग के सचिव और संचालक के निर्देश पर केंद्रीय खनि उड़नदस्ता और जिला स्तरीय संयुक्त टीम ने आरंग तहसील के ग्राम कागदेही में अचानक निरीक्षण किया। जांच के दौरान समोदा-कागदेही मार्ग और आर्या पेट्रोल पंप के दक्षिण दिशा स्थित फॉरेस्ट नर्सरी के पास बड़ी मात्रा में रेत का अवैध भंडारण पाया गया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि बिना वैध अनुमति के गौण खनिज साधारण रेत का भंडारण किया गया था, जो छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम 2009 का उल्लंघन है।
1740 घनमीटर रेत जब्त, खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई
अवैध भंडारण की पुष्टि होने के बाद खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत कार्रवाई की गई। इस दौरान लगभग 1740 घनमीटर रेत को जब्त किया गया। जब्त की गई रेत को नगर पंचायत समोदा के पार्षद देवेंद्र कुमार साहू की सुपुर्दगी में दिया गया है ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके।
खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने जांच अभियान के दौरान ग्राम समोदा के पास अवैध रेत परिवहन में इस्तेमाल हो रहे दो हाईवा वाहनों को भी जब्त किया। दोनों वाहनों को कार्रवाई के बाद आरंग थाना परिसर में खड़ा कराया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में अवैध खनन और रेत तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।




