रायपुर। जहां एक ओर नगर निगम एवं राजस्व विभाग लगातार अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई करने में लगी हुई है, वहीं दूसरी ओर कुछ भू- माफियाओं द्वारा सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं और तहसीलदार एवं पटवारी के आँखों में धूल झोंकते हुए लगातार कहीं फार्म हाउस के नाम पर तो कहीं डायवर्टेड प्लाट के नाम पर भोले भाले गरीब एवं निम्न वर्ग के लोगों को बेवकूफ बनाया जा रहा है।
कहा का है मामला?
ताजा मामला रायपुर से लगे दतरेंगा गांव की है जहां पर कुछ भू- माफियाओं द्वारा लगातार सोशल मीडिया में प्रचार- प्रसार कर किसानों की जमीन को डाइवर्शन करके बेचा जा रहा है।

जब आवाम दूत की टीम दतरेंगा स्कूल के पीछे पहुंची तो देखा गया, कि कुछ लोग प्लाटों की डीपीसी का कार्य कर रहे थे, पूछने पर बताया कि जो भी प्लॉट खरीदते हैं हमारा सेठ उनको डीपीसी करके देता हैं, इस ओर पूरा प्लाट बिक चुका हैं, अब बाजू वाले एरिया में बेच रहे हैं , जितना बिक चुका हैं वह डायवर्टेड था अभी नया बेच रहे हैं वह डायवर्टेड नहीं है, फिर भी 799 रु. के रेट से मिर्च मशाला डालकर झूठे प्रलोभन देकर भोले भाले निम्न वर्ग के लोगों को बेचा जा रहा है।

अधिकारी बेखबर
मौके पर देखने से पता चल लग रहा है कि 10 एकड़ से ऊपर वर्तमान में अवैध प्लाटिंग हो रही है और सोशल मीडिया पर प्रचार भी जोरों से चल रहा है, लेकिन इस बात की खबर न तो पटवारी को है और न तहसीलदार को। इतने बड़े लेवल में लगातार अवैध प्लाटिंग की जा रही है और जिम्मेदार लोगों को कैसे पता नहीं चला ये भी जांच का विषय है। खैर अब इस खबर के बाद देखना होगा कि क्या अधिकारी संज्ञान लेकर ऐसे भू माफियों के खिलाफ कड़ी कदम उठा पाएंगे ?



