रायपुर। लंबे समय से अपनी 31 दिन की हड़ताल अवधि को नियमित किए जाने की मांग कर रहे पंचायत सचिवों को आखिरकार राज्य सरकार ने बड़ी राहत दे दी है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने आदेश जारी कर 17 मार्च 2025 से 16 अप्रैल 2025 तक चली हड़ताल अवधि को विशेष अवकाश के रूप में मान्यता देने का निर्णय लिया है।
सरकार के आदेश के मुताबिक, संबंधित पंचायत सचिवों के अवकाश खाते में उपलब्ध अर्जित अवकाश (Earned Leave) का पहले समायोजन किया जाएगा। यदि पूरी अवधि अर्जित अवकाश से समायोजित नहीं हो पाती है, तो शेष दिनों को विशेष अवकाश के रूप में स्वीकृत किया जाएगा।
हालांकि, इस राहत के साथ सरकार ने एक महत्वपूर्ण शर्त भी जोड़ी है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह सुविधा केवल इस शर्त पर दी जा रही है कि संबंधित पंचायत सचिव भविष्य में किसी भी प्रकार की हड़ताल में शामिल नहीं होंगे।
बताया गया है कि यह निर्णय प्रदेश पंचायत सचिव संघ, छत्तीसगढ़ की मांग पर लिया गया है। विभाग ने शासन स्तर पर विचार-विमर्श के बाद हड़ताल अवधि को नियमित करने का फैसला किया, जिससे बड़ी संख्या में पंचायत सचिवों को प्रशासनिक राहत मिलेगी।
14 जुलाई 2026 को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर से जारी आदेश में इस संबंध में सभी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। आदेश की प्रतिलिपि उप मुख्यमंत्री (पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग), अपर मुख्य सचिव, पंचायत संचालनालय, सभी संभागायुक्त, कलेक्टर, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
सरकार के इस फैसले से वर्ष 2025 की हड़ताल में शामिल पंचायत सचिवों के सेवा रिकॉर्ड और अवकाश संबंधी लंबित मामलों का समाधान होने की उम्मीद है। हालांकि, भविष्य में हड़ताल नहीं करने की शर्त इस आदेश का सबसे महत्वपूर्ण पहलू मानी जा रही है, जिस पर पंचायत सचिवों को आगे भी अमल करना होगा।




