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सावन में ऐसे मनाएं देवों के देव महाकाल को, घर में बरसेगी माँ लक्ष्मी की कृपा

आज से सावन का पवित्र महीना आरंभ हो रहा है। जो कि भगवान शिव की भक्ति का सबसे उत्तम समय माना जाता है। मान्यता है कि सावन के दौरान जो भक्त सच्चे मन से भोलेनाथ की आराधना करते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। अक्सर लोगों को लगता है कि भगवान शिव तो वैरागी हैं, इसलिए उनकी पूजा से केवल मोक्ष या आध्यात्मिक शांति मिलती है। लेकिन पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शिव जी ‘आशुतोष’ (शीघ्र प्रसन्न होने वाले) और ‘औघड़दानी’ (मुक्त हस्त से दान देने वाले) हैं। जब महाकाल प्रसन्न होते हैं, तो वे अपने भक्त को केवल भक्ति ही नहीं, बल्कि संसार का समस्त सुख, वैभव और माँ लक्ष्मी की अटूट कृपा भी प्रदान करते हैं।

यदि आप भी इस सावन भगवान महाकाल को प्रसन्न कर अपने जीवन से धन-धान्य की कमी और आर्थिक तंगी को दूर करना चाहते हैं, तो यह विशेष लेख आपके लिए ही है।

  1. सावन में महाकाल को प्रसन्न करने के अचूक उपाय

सावन के प्रत्येक दिन (विशेषकर सावन सोमवार को) इन उपायों को करने से महादेव अत्यंत प्रसन्न होते हैं:

  1. कच्चे दूध और शहद से अभिषेक

उपाय: शिवलिंग पर कच्चा दूध अर्पित करने से सेहत और मानसिक शांति मिलती है। वहीं, दूध में थोड़ा सा शहद मिलाकर अभिषेक करने से आर्थिक समस्याओं का निवारण होता है और धन के योग बनते हैं।

मंत्र: अभिषेक करते समय ॐ नमः शिवाय का निरंतर जाप करें।

  1. बेलपत्र पर चंदन से लिखें ‘राम’

भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है।
विशेष नियम: 11 या 21 साबुत (बिना कटे-फटे) बेलपत्र लें। उन पर पीले चंदन से ‘राम’ लिखें और महाकाल को अर्पित करें। ऐसा करने से भगवान शिव अति शीघ्र प्रसन्न होकर धन और समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

  1. जल में काले तिल मिलाकर अर्पण

यदि जीवन में बार-बार धन का नुकसान हो रहा हो या कर्ज बढ़ रहा हो, तो सावन में तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें थोड़े काले तिल मिला लें।
इसे प्रतिदिन शिवलिंग पर चढ़ाएं। इससे न केवल शिव जी की कृपा मिलेगी, बल्कि शनि और राहु-केतु के दोष भी शांत होंगे।

  1. महाकाल को अर्पित करें धतूरा और शमी के पत्ते

शमी का पत्ता भगवान शिव और शनिदेव दोनों को प्रिय है। सावन में नियमित रूप से 1 या 5 शमी के पत्ते महाकाल को चढ़ाने से घर में सुख-समृद्धि आती है और माँ लक्ष्मी का स्थायी वास होता है।

  1. ऐसे करें शिव-लक्ष्मी का विशेष संबंध (पौराणिक संदर्भ)

शास्त्रों के अनुसार, भगवान शिव ‘कुबेर’ के स्वामी हैं। जब कुबेर देव ने शिव जी की कठोर तपस्या की थी, तब महाकाल ने उन्हें देवताओं के कोषाध्यक्ष का पद दिया था।

विशेष बात: माँ लक्ष्मी, भगवान विष्णु के साथ-साथ शिव भक्ति से भी अति प्रसन्न होती हैं। जहाँ भगवान शिव का वास होता है और जहाँ उनकी सच्चे मन से पूजा होती है, वहाँ दरिद्रता कभी टिक नहीं सकती।

  1. सावन में धन प्राप्ति के लिए 5 विशेष नियम

यदि आप चाहते हैं कि सावन के महीने में आपकी तिजोरी हमेशा भरी रहे, तो इन नियमों का पालन अवश्य करें:

अक्षत (चावल) का अर्पण: सावन में पूजा के समय शिवलिंग पर अक्षत (अखंडित चावल) चढ़ाएं। ध्यान रहे कि चावल का कोई भी दाना टूटा हुआ न हो। शास्त्रों में अक्षत को धन वृद्धि का प्रतीक माना गया है।

संध्याकाल में घी का दीपक: सावन के महीने में प्रतिदिन शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर और पास के शिव मंदिर में देसी घी का दीपक जलाएं।

महामृत्युंजय या शिव चालीसा का पाठ: प्रतिदिन कम से कम 108 बार ॐ नमः शिवाय या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।

सफाई का विशेष ध्यान: माँ लक्ष्मी वहीं वास करती हैं जहाँ स्वच्छता हो। सावन के महीने में घर और पूजा स्थल को हमेशा साफ-सुथरा रखें।
दान-पुण्य: सावन में भूखे को भोजन कराना, जरूरतमंदों को वस्त्र या दूध का दान करना महाकाल को अति प्रिय है।

  1. सावन में क्या न करें? (सावधानियां)

तुलसी के पत्ते न चढ़ाएं: शिवजी की पूजा में गलती से भी तुलसी पत्र का उपयोग न करें।

सिंदूर या कुमकुम न लगाएं: शिवलिंग पर हल्दी और सिंदूर चढ़ाना वर्जित है। केवल भस्म या चंदन का प्रयोग करें।

तांबे के बर्तन से दूध न चढ़ाएं: तांबे के पात्र में दूध डालने से वह मदिरा समान हो जाता है। दूध हमेशा पीतल या चांदी के बर्तन से ही चढ़ाएं।

क्रोध और कटु वचनों से बचें: सावन के पवित्र महीने में मन, क्रम और वचन से शुद्ध रहें।

निष्कर्ष (Conclusion)
भगवान महाकाल भाव के भूखे हैं। सावन के इस पावन महीने में आडंबर छोड़ कर केवल सच्चे मन, अपार श्रद्धा और सात्विकता से किया गया एक लोटा जल का अर्पण भी आपको महाकाल और माँ लक्ष्मी दोनों का आशीर्वाद दिला सकता है।

इस सावन, अपने घर में भक्ति का दीप जलाएं, महाकाल की शरण में आएं और अपने जीवन को सुख, शांति और समृद्धि से भरें।

॥ हर हर महादेव ॥

आचार्य पं गिरीश पाण्डेय
भागवत-व्यास, एस्ट्रोसेज पैनल मेंबर
अमरैया पारा पिथौरा महासमुंद (छत्तीसगढ़)
☎️ 7000217167

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