काठमांडू। नेपाल में बुधवार को आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। शनिवार तक कई और शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 626 हो गई है, जबकि 2500 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। चौथे दिन भी सेना और सुरक्षाबलों का खोज एवं बचाव अभियान जारी है।
आठ जिलों से मिले शव
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, चितवन में 233, नवलपरासी पूर्व में 158, नुवाकोट में 51, गोरखा में 48, नवलपरासी पश्चिम में 47, धादिंग में 45, तनहूं में 31 और रसुवा में 13 शव मिले हैं। बाढ़ से सड़क, पुल, घर और जलविद्युत परियोजनाओं को भी भारी नुकसान हुआ है।
163 विदेशियों समेत 2465 लोग सुरक्षित
नेपाल सेना के मुताबिक, अब तक 163 विदेशी नागरिकों समेत 2465 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। इनमें 113 भारतीय, 26 चीनी और 15 दक्षिण कोरियाई नागरिक शामिल हैं। राहत अभियान में 11 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं।
सुरंगों से 191 मजदूर निकाले
त्रिशूली और रसुवा क्षेत्र की जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों से 191 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रेस्क्यू किए गए लोगों में 2265 को हेलीकॉप्टर और 200 को सड़क मार्ग से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। करीब 1706 लोगों का इलाज किया जा चुका है।
हाईवे खुला, फिर बाढ़ का खतरा
बाढ़ और भूस्खलन के कारण बंद मुगलिंग-काठमांडू राजमार्ग शनिवार को फिर खोल दिया गया। हालांकि NDRRMA ने जलस्तर बढ़ने के कारण एक और बाढ़ की आशंका जताई है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रहा है।
नेपाल के प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में अब तक अरबों रुपये की सहायता पहुंच चुकी है। सरकार ने राहत कार्यों के समन्वय के लिए वित्त मंत्रालय को नोडल मंत्रालय बनाया है। लापता लोगों की तलाश और प्रभावितों तक राहत पहुंचाने का अभियान लगातार जारी है।



