नई दिल्ली: भारत की मेजबानी में नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हो रहे 18वें BRICS Summit में जहाँ एक तरफ गंभीर वैश्विक मुद्दों पर मंथन चल रहा है, वहीं दूसरी ओर विदेशी मेहमानों के लिए आयोजित विशेष ‘गाला डिनर’ ने भारत की समृद्ध और विविध पाक कला (Culinary Heritage) से दुनिया को रूबरू कराया है। शनिवार रात आयोजित इस भव्य रात्रिभोज में देश के पारंपरिक और आधुनिक स्वादों का अनूठा संगम देखने को मिला।
‘गुच्छी मार्मिक’ ने चुराया सबका दिल
डिनर के मेन्यू में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रही ‘गुच्छी मार्मिक’ नामक एक खास डिश। इस डिश को हिमालय की वादियों में पाई जाने वाली दुर्लभ ‘गुच्छी’ (मोरल मशरूम) से तैयार किया गया था। स्वाद और विशिष्टता को बढ़ाने के लिए इसमें शतावरी, केसर, किशमिश और प्रीमियम मामरा बादाम का इस्तेमाल किया गया, जिसने विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और मेहमानों को विशेष रूप से प्रभावित किया।
क्यों इतनी खास है हिमालयी गुच्छी?
- दुर्लभ और प्राकृतिक उपलब्धता: गुच्छी (मोर्चेला प्रजाति) एक जंगली मशरूम है जो मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी जंगलों में प्राकृतिक रूप से उगती है।
- कठिन खोज: इसकी जालीदार और मधुमक्खी के छत्ते जैसी टोपी से इसकी पहचान होती है। इसे व्यावसायिक रूप से उगाना नामुमकिन के बराबर है, इसलिए स्थानीय लोग इसे जंगलों से ढूंढकर हाथ से इकट्ठा करते हैं।
- आसमान छूती कीमत: सीमित उपलब्धता और भारी मांग के कारण वर्ष 2026 की रिपोर्टों के अनुसार, अच्छी गुणवत्ता वाली सूखी गुच्छी की कीमत बाजार में ₹25,000 से ₹40,000 प्रति किलो है, जबकि प्रीमियम ग्रेड की कीमत ₹30,000 से ₹50,000 प्रति किलो तक पहुंच जाती है।
- पोषण का खजाना: महंगी होने के साथ-साथ यह सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। इसमें प्रोटीन, फाइबर और विटामिन डी जैसे आवश्यक मिनरल्स प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो पाचन तंत्र, इम्यूनिटी और दिल की सेहत के लिए अच्छे माने जाते हैं।
खंडवी मिलेफ्यू से लेकर जलेबी तक, मेन्यू में दिखा पूरा भारत
गाला डिनर के मेन्यू को इस तरह तैयार किया गया था कि विदेशी मेहमानों को भारत के अलग-अलग कोनों के जायके का अनुभव मिल सके।
- मुख्य व्यंजन: खंडवी मिलेफ्यू, खुम्ब गलौटी, पनीर लबाबदार, पोषक तत्वों से भरपूर मिलेट पुलाव, थक्काली बेले सारू और बीटरूट रायता के साथ कई तरह की पारंपरिक भारतीय ब्रेड परोसी गईं।
- मिठाइयाँ: भोजन के अंत में मेहमानों का मुंह मीठा कराने के लिए पुरानी दिल्ली की मशहूर फ्रूट क्रीम, शहतूत फिरनी और गरमा-गर्म जलेबी परोसी गई।
इस भव्य आयोजन के जरिए भारत ने न केवल कूटनीतिक स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि वैश्विक मंच पर अपने स्थानीय कृषि उत्पादों और समृद्ध पारंपरिक व्यंजनों की विरासत का भी शानदार प्रदर्शन किया।




