रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित प्रतिष्ठित ‘प्रयास संस्था’ स्कूल से एक बेहद अजीबोगरीब और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ नौवीं कक्षा (9th Class) में पढ़ने वाले एक छात्र को तांत्रिक क्रिया करने के आरोप में स्कूल से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। संस्था प्रबंधन ने छात्र को ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) थमाकर निष्कासित कर दिया है। इस कार्रवाई से नाराज और पीड़ित छात्र के परिजनों ने मुख्यमंत्री शिकायत सेल (CM Complaint Cell) में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
3 सितंबर को हुआ था एडमिशन, अचानक लगा आरोप
परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बच्चे का एडमिशन इसी महीने 3 सितंबर को प्रयास संस्था में कराया गया था। एडमिशन के कुछ ही दिनों बाद अचानक संस्था प्रबंधन की ओर से बच्चे पर तांत्रिक क्रिया करने का गंभीर आरोप लगा दिया गया। परिजनों का सबसे बड़ा आरोप यह है कि संस्था ने इस पूरे घटनाक्रम और बच्चे पर लगे आरोपों की जानकारी उन्हें पहले नहीं दी। जब बच्चे को स्कूल से बाहर निकाल दिया गया, तब जाकर उन्हें इस कार्रवाई का पता चला।
प्राचार्य पर धमकाने और जबरन दस्तखत कराने का आरोप
पीड़ित परिवार ने प्रयास संस्था के अधिकारियों और प्राचार्य प्रमिला शुक्ला पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि संस्था के अधिकारियों ने उनसे कुछ कागजों पर जबरन हस्ताक्षर (Sign) करवा लिए। साथ ही, प्राचार्य प्रमिला शुक्ला पर परिजनों को धमकाने और उनका पक्ष न सुनने का भी आरोप है। परिजनों को अपनी बात रखने या बच्चे का बचाव करने का कोई मौका नहीं दिया गया।
महासमुंद लौटा परिवार, न्याय की गुहार
इस अचानक हुई कार्रवाई और विवाद के बाद डरा-सहमा परिवार बच्चे को लेकर अपने गृह जिले महासमुंद लौट गया है। स्कूल प्रबंधन के इस रवैये से आहत परिजनों ने अब मुख्यमंत्री शिकायत सेल का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग और प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या कदम उठाता है।




