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बड़ी खबर: छत्तीसगढ़ में बदला परिवहन उप निरीक्षक भर्ती का नियम, CGPSC करेगा 50% पदों पर सीधी भर्ती

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में परिवहन उप निरीक्षक (Transport Sub Inspector) के स्वीकृत 74 पदों पर भर्ती और पदोन्नति की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है. इस संबंध में संशोधित नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं. नए नियमों के तहत अब इन पदों को तीन अलग-अलग माध्यमों—सीधी भर्ती, विभागीय पदोन्नति और सीमित प्रतियोगिता परीक्षा—के जरिए भरा जाएगा.

भर्ती का नया फॉर्मूला और पदों का गणित

शासन द्वारा तय की गई नई व्यवस्था के अनुसार स्वीकृत पदों को निम्नलिखित अनुपात में विभाजित किया गया है:

  • 50% पदों पर सीधी भर्ती: कुल पदों के आधे यानी करीब 37 पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी. इस भर्ती परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) को सौंपी गई है.
  • 35% पद विभागीय पदोन्नति से: विभाग में कार्यरत पात्र कर्मचारियों की पदोन्नति (प्रमोशन) के माध्यम से लगभग 26 पद भरे जाएंगे.
  • 15% पद सीमित प्रतियोगिता परीक्षा से: शेष बचे 11 पदों को सीमित प्रतियोगिता परीक्षा (Departmental Exam) के जरिए भरा जाएगा.

सीमित प्रतियोगिता परीक्षा में बड़ा बदलाव: कांस्टेबल-हेड कांस्टेबल रेस से बाहर

संशोधित नियमों में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के पात्रता नियमों में किया गया है. अब इस परीक्षा में शामिल होने के दायरे को सीमित कर दिया गया है:

  1. सिर्फ लिपिक वर्गीय कर्मचारियों को मौका: इस परीक्षा में अब केवल परिवहन विभाग के लिपिक वर्गीय (Clerical Cadre) कर्मचारी ही बैठ सकेंगे.
  2. कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल वर्ग बाहर: विभाग के कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल संवर्ग को अब इस सीमित प्रतियोगिता परीक्षा की दौड़ से पूरी तरह बाहर कर दिया गया है.
  3. कड़े किए गए सेवा नियम: परीक्षा में शामिल होने के लिए लिपिक कर्मचारियों की परिवीक्षा अवधि (Probation Period) पूरी होना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही विभाग में कम से कम 10 वर्ष की नियमित सेवा का अनुभव होना आवश्यक कर दिया गया है.

इस नए बदलाव से जहां युवाओं को सीजीपीएससी (CGPSC) के माध्यम से सीधे अधिकारी बनने का अवसर मिलेगा, वहीं विभागीय लिपिकों के लिए भी करियर ग्रोथ के नए रास्ते खुलेंगे. हालांकि, कांस्टेबल संवर्ग के बाहर होने से विभागीय समीकरणों में बदलाव देखने को मिल सकता है.

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