रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित प्रेस क्लब में छत्तीसगढ़ राज्य आंदोलनकारियों, संयुक्त किसान मोर्चा और सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान राज्य आंदोलन के वरिष्ठ नेता अशोक कश्यप ने छत्तीसगढ़ की ज़मीन और यहाँ के प्राकृतिक संसाधनों को लेकर उद्योगपतियों और व्यवस्था पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।
उद्योग लगाने के नाम पर लिया ‘झूठा लाभ’
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए वरिष्ठ नेता ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का गठन यहाँ के लोगों के अधिकारों और संसाधनों की रक्षा के लिए किया गया था। लेकिन राज्य बनने के बाद जो उद्योगपति यहाँ उद्योग लगाने के नाम पर आए, उन्होंने केवल अपना फ़ायदा देखा। आरोप है कि इन उद्योगपतियों ने उद्योग स्थापित करने के बहाने सरकार और व्यवस्था से ‘झूठा लाभ’ कमाया, जबकि यहाँ के मूल निवासियों और किसानों को इसका कोई लाभ नहीं मिला।
अपराधियों की तरह सूचीबद्ध करने की माँग
संसाधनों के इस दोहन पर कड़ा रुख अपनाते हुए आंदोलनकारियों ने माँग की है कि जिन लोगों ने छत्तीसगढ़ की ज़मीन और संसाधनों का व्यावसायिक दुरुपयोग किया है और राज्य को धोखा दिया है, उन्हें अपराधियों की श्रेणी में रखा जाना चाहिए। कश्यप ने कहा कि ऐसे उद्योगपतियों को अपराधियों की तरह सूचीबद्ध (लिस्ट) किया जाना बेहद ज़रूरी है ताकि राज्य की संपदा की रक्षा की जा सके।
किसान और आंदोलनकारी एकजुट
इस प्रेस वार्ता के माध्यम से संयुक्त किसान मोर्चा और सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज ने स्पष्ट कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की जल, जंगल और ज़मीन के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में आंदोलनकारी और किसान संगठन इस मुद्दे को लेकर अपनी रणनीति और तेज़ कर सकते हैं।



