रायपुर, 3 अक्टूबर 2026: ऑनलाइन साइबर ठगी का शिकार हुए दो पीड़ितों के लिए रायपुर की नॉर्थ जोन पुलिस की त्वरित कार्रवाई बड़ी राहत लेकर आई है। गुढ़ियारी थाना पुलिस ने मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए ठगी गई कुल 15,737 रुपये की राशि रिकवर कर पीड़ितों के खातों में वापस करवा दी है।
पुलिस के अनुसार, साइबर फ्रॉड की शिकायत मिलते ही बिना समय गंवाए बैंकिंग लेन-देन को ट्रेस किया गया। इसके बाद संबंधित बैंकिंग चैनल में पैसों के ट्रांसफर को रुकवाकर (होल्ड कराकर) पीड़ितों तक वापस पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की गई।
मामला 1: 27 हजार की ठगी में मिले 10,737 रुपये
पहला मामला सूर्या नगर, गोगांव की रहने वाली वर्षा कुमारी नेताम का है। उनके साथ ऑनलाइन माध्यम से 27,000 रुपये की साइबर ठगी हुई थी। शिकायत दर्ज होने के बाद गुढ़ियारी पुलिस ने MRM पोर्टल के जरिए ट्रांजेक्शन ट्रैक किया और पीड़िता को 10,737 रुपये वापस दिलाने में सफलता हासिल की।
मामला 2: 5 हजार की पूरी रकम हुई वापस
दूसरा मामला गुढ़ियारी के ही नागेश्वर कुमार से जुड़ा है। वे भी ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हुए थे और उनके खाते से 5,000 रुपये पार कर दिए गए थे। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए बैंकिंग चैनल के जरिए पैसे को ट्रैक किया और नागेश्वर की पूरी 5,000 रुपये की राशि सुरक्षित वापस करा दी।
क्या है मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM)?
यह एक विशेष डिजिटल सिस्टम है जो साइबर फ्रॉड के मामलों में पुलिस, बैंकों और वित्तीय संस्थानों के बीच रियल-टाइम तालमेल बिठाता है। जैसे ही ठगी की सूचना मिलती है, यह मॉड्यूल ट्रांजेक्शन को ट्रैक करता है। यदि ठगों द्वारा रकम को आगे ट्रांसफर या विड्रॉ नहीं किया गया हो, तो उसे वहीं रोककर (फ्रीज कर) पीड़ित के खाते में वापस डाल दिया जाता है।
पुलिस की अपील: ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल
रायपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी ऑनलाइन ठगी का शिकार होता है, तो घबराने के बजाय तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके साथ ही ‘राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल’ पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं और तुरंत अपने बैंक को भी सूचित करें। साइबर अपराधों में जितनी जल्दी (गोल्डन आवर्स के भीतर) शिकायत दर्ज होगी, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही ज्यादा रहती है।



