रायपुर: सोशल मीडिया पर डॉक्टरों के स्टाइपेंड और मानदेय-वेतन में भारी बढ़ोतरी को लेकर वायरल हो रहा कथित सरकारी आदेश पूरी तरह से फर्जी निकला है। छत्तीसगढ़ के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साफ किया है कि विभाग द्वारा ऐसा कोई भी आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है। विभाग ने इसे एआई (AI) द्वारा तैयार किया गया एक भ्रामक और फर्जी दस्तावेज करार दिया है।
क्या था वायरल दावे में?
इंटरनेट और सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे इस जाली पत्र में दावा किया गया था कि जूनियर रेजिडेंट, प्रदर्शक (डेमोनस्ट्रेटर) और स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा अधिकारियों का मानदेय बढ़ाकर हर महीने 73,152 रुपये कर दिया गया है। पत्र में यह भी लिखा था कि यह बढ़ी हुई राशि 1 नवंबर 2026 से लागू हो जाएगी।
विभाग ने की सतर्क रहने की अपील
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इस फर्जीवाड़े का खंडन करते हुए डॉक्टरों, मेडिकल छात्रों और आम जनता से अपील की है कि वे इस भ्रामक खबर को सच मानकर आगे शेयर न करें। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी वेतन, भत्ते या शासकीय निर्णय की सत्यता जांचने के लिए केवल विभाग के अधिकृत और आधिकारिक माध्यमों का ही भरोसा करें।
सीएम विष्णु देव साय पहुंचे सिंगापुर, निवेशकों से करेंगे चर्चा
रायपुर/सिंगापुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपने तय कार्यक्रम के अनुसार सिंगापुर पहुंच चुके हैं। राज्य में औद्योगिक विकास और विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। सिंगापुर प्रवास के दौरान सीएम साय वहां के प्रमुख निवेशकों और उद्योगपतियों के साथ राउंड-टेबल बैठकें और चर्चा करेंगे, ताकि छत्तीसगढ़ में नए निवेश के रास्ते खोले जा सकें



