रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगों द्वारा एक डॉक्टर से ₹25 लाख 66 हजार 900 की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने फेसबुक के जरिए डॉक्टर से दोस्ती की और फिर उन्हें क्रिप्टो करेंसी में निवेश कर भारी मुनाफे का लालच देकर अपना शिकार बना लिया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है।
फेसबुक पर दोस्ती से शुरू हुआ खेल
शिकायतकर्ता डॉ. राकेश मिश्रा के अनुसार, अगस्त 2026 में फेसबुक के माध्यम से उनका संपर्क रेशमी गुप्ता नाम की एक युवती से हुआ था। रेशमी ने धीरे-धीरे उनका भरोसा जीता और क्रिप्टो करेंसी में निवेश कर अच्छा मुनाफा कमाने का झांसा दिया। डॉक्टर को पूरी तरह अपने विश्वास में लेने के बाद, उसने सुरेश चौहान नाम के एक अन्य व्यक्ति से उनका संपर्क कराया।
शुरुआत में दिखाया नकली मुनाफा
जालसाजों ने डॉ. राकेश मिश्रा को मुनाफे का लालच देकर एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर करवाया। पीड़ित का भरोसा और मजबूत करने के लिए शुरुआत में उन्हें बाइनेंस (Binance) ट्रेडिंग ऐप पर खाता खुलवाया गया, जहाँ भारतीय मुद्रा में कुछ नकली लाभ दिखाया गया। इस मुनाफे को सच मानकर डॉक्टर उनके झांसे में आ गए। इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग बैंक खातों और UPI आईडी के जरिए किश्तों में कुल 25,66,900 रुपये जमा करा लिए।
RBI का फर्जी पत्र भेजकर खुली पोल
ठगी का खुलासा तब हुआ जब 22 सितंबर को डॉ. राकेश ने अपनी जमा राशि और मुनाफा निकालने का प्रयास किया। आरोपियों ने रकम रिलीज करने से इनकार कर दिया और कहा कि आरबीआई (RBI) की गाइडलाइन के मुताबिक इसके लिए ‘वेरिफिकेशन चैनल फीस’ जमा करनी होगी। जब डॉक्टर ने इस गाइडलाइन से जुड़ा आधिकारिक पत्र मांगा, तो आरोपियों ने उन्हें एक लेटर भेजा। शक होने पर जब डॉक्टर ने जांच की तो वह पत्र पूरी तरह फर्जी पाया गया। इसके बाद पीड़ित को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और साइबर सेल की मदद से आरोपियों के बैंक खातों और डिजिटल फुटप्रिंट्स को ट्रैक कर मामले की जांच कर रही है।




