छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) से जुड़े विद्यार्थियों और अभिभावकों को अब जरूरी शैक्षणिक दस्तावेजों के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की पहल पर छत्तीसगढ़ बोर्ड की महत्वपूर्ण सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में लाते हुए उनके लिए समय-सीमा तय कर दी गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था को छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।
⏱️ इन सेवाओं के लिए तय हुई समय-सीमा
नई व्यवस्था के तहत निम्नलिखित आवश्यक कार्यों को पूरा करने के लिए 60 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है:
- डुप्लीकेट अंकसूची (Duplicate Marksheet) प्राप्त करना।
- डुप्लीकेट माइग्रेशन प्रमाण-पत्र (Duplicate Migration Certificate) हासिल करना।
- उत्तरपुस्तिकाओं की पुनर्गणना (Recounting) और पुनर्मूल्यांकन (Revaluation)।
- उत्तरपुस्तिका की फोटोकॉपी (Photocopy of Answer Sheet) प्राप्त करना।
🎯 इस पहल का मुख्य उद्देश्य
- परेशानी से मुक्ति: परीक्षा परिणाम आने के बाद विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए समय पर दस्तावेज मिल सकेंगे।
- पारदर्शिता और जवाबदेही: लोक सेवा गारंटी के तहत आने से शिक्षा विभाग के अधिकारियों को तय समय में काम पूरा करना होगा, जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।
- समय और ऊर्जा की बचत: विद्यार्थियों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने से राहत मिलेगी, जिससे वे अपनी पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि छात्रों से जुड़े इन मामलों में पूरी संवेदनशीलता बरती जाए और निर्धारित समय-सीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।




