हेमंत कुमार साहू,
राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषदएवं जिला प्रशासन की पहल, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता का बना प्रेरक मंच
दंतेवाड़ा। जिले के ग्रामीण युवाओं ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा और फैशन डिजाइनिंग कौशल का शानदार प्रदर्शन करते हुए लाइवलीहुड कॉलेज, कारली में आयोजित फैशन शो में सबका मन मोह लिया। जिला प्रशासन दंतेवाड़ा एवं नेशनल काउंसिल फॉर हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट डेवलपमेंट राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषदके संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को यदि उचित प्रशिक्षण और मंच मिले तो वे किसी भी बड़े मंच पर अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ दंतेश्वरी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद प्रशिक्षुओं ने अपने द्वारा स्वयं डिज़ाइन और तैयार किए गए आकर्षक परिधानों में रैंप वॉक कर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। रंग-बिरंगे परिधानों और आत्मविश्वास से भरपूर प्रस्तुति ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।

फैशन शो में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागी राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषदकरली यूनिट में संचालित 800 घंटे के फैशन डिजाइन, हैंडलूम एवं पावरलूम प्रशिक्षण से जुड़े प्रशिक्षु हैं। विशेष बात यह रही कि प्रशिक्षण के दौरान ही प्रतिभागियों ने अपने परिधानों की कल्पना की, उनका डिज़ाइन तैयार किया और स्वयं सिलाई कर उन्हें अंतिम रूप दिया। रैंप पर प्रस्तुत प्रत्येक परिधान उनकी कल्पनाशीलता, मेहनत और तकनीकी दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण रहा।

जिले के विभिन्न ग्रामीण अंचलों से आए इन प्रशिक्षुओं ने अपने हुनर से यह संदेश दिया कि कौशल विकास के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुख बनाया जा सकता है। कार्यक्रम स्थानीय प्रतिभाओं को नई पहचान देने के साथ-साथ स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हुआ।
इस अवसर पर परियोजना समन्वयक रितेश कुमार साहू ने कहा कि राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं की छिपी प्रतिभाओं को पहचान दिलाकर उन्हें स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि रैंप पर प्रदर्शित सभी परिधान प्रशिक्षुओं की अपनी कल्पना, डिज़ाइन और मेहनत का परिणाम हैं। भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहचान दिलाने का प्रयास जारी रहेगा।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषदकरली यूनिट के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे तथा सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। यह आयोजन कौशल विकास, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण युवाओं की रचनात्मक क्षमता को नई उड़ान देने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल के रूप में सराहा गया।



