Homeछत्तीसगढस्मार्ट मीटर से रोजगार संकट! 90 विधायकों को मीटर रीडरों ने सौंपा...

स्मार्ट मीटर से रोजगार संकट! 90 विधायकों को मीटर रीडरों ने सौंपा ज्ञापन

प्रदेशभर में एक साथ उठी रोजगार बचाने की मांग, विधानसभा और शासन स्तर पर मुद्दा उठाने की अपील

रायपुर, 10 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर व्यवस्था के विस्तार के बीच पारंपरिक मीटर रीडिंग का काम करने वाले कर्मचारियों के सामने रोजगार को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। लंबे समय से घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों में बिजली मीटर की रीडिंग लेकर उपभोक्ताओं के बिजली बिल तैयार करने की प्रक्रिया में सहयोग करने वाले मीटर रीडरों का कहना है कि स्मार्ट मीटरों के बढ़ते उपयोग से उनका पारंपरिक कार्य प्रभावित हो रहा है। ऐसे में उनके रोजगार और भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता है।

इसी मांग को लेकर प्रदेशभर के मीटर रीडरों ने 10 अक्टूबर 2026 को एक साथ राज्य के सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों को ज्ञापन सौंपकर अपना पक्ष रखा। इस पहल के माध्यम से मीटर रीडरों ने जनप्रतिनिधियों का ध्यान अपनी आजीविका, परिवारों की आर्थिक सुरक्षा और स्मार्ट मीटर व्यवस्था लागू होने के बाद उत्पन्न हो रही रोजगार संबंधी चिंताओं की ओर आकर्षित किया।

स्मार्ट मीटर से प्रभावित हो रहा पारंपरिक काम

मीटर रीडरों का कहना है कि वे लंबे समय से बिजली मीटरों की रीडिंग लेने का कार्य करते आ रहे हैं। इस काम के माध्यम से अनेक परिवारों की आजीविका चलती है। अब स्मार्ट मीटरों के उपयोग और स्वचालित रीडिंग व्यवस्था के विस्तार से पारंपरिक मीटर रीडिंग की आवश्यकता कम होने की आशंका है। इससे इस कार्य से जुड़े लोगों के सामने भविष्य में काम की उपलब्धता को लेकर अनिश्चितता पैदा हो सकती है।

मीटर रीडरों के अनुसार तकनीकी बदलाव और आधुनिक व्यवस्था का उद्देश्य बिजली सेवाओं को अधिक सुविधाजनक बनाना हो सकता है, लेकिन इसके साथ उन कर्मचारियों के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए, जो वर्षों से बिजली उपभोक्ताओं और विभागीय व्यवस्था के बीच अपनी सेवाएं देते रहे हैं।

अचानक रोजगार छिनने से परिवारों पर पड़ेगा असर

ज्ञापन में मीटर रीडरों ने रोजगार सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उनका कहना है कि यदि स्मार्ट मीटर व्यवस्था के कारण पारंपरिक मीटर रीडिंग का काम कम होता है, तो प्रभावित कर्मचारियों के लिए वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था होनी चाहिए। अचानक काम बंद होने से उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो सकता है।

मीटर रीडरों ने मांग की कि वर्तमान में कार्यरत लोगों के अनुभव और कार्यक्षमता को ध्यान में रखते हुए उन्हें स्मार्ट मीटर से संबंधित कार्यों, उपभोक्ता सहायता, तकनीकी सहयोग, मीटर सत्यापन अथवा बिजली वितरण व्यवस्था के अन्य उपयुक्त कार्यों से जोड़ने की संभावनाओं पर विचार किया जाए। हालांकि, ऐसी किसी व्यवस्था को लागू करना संबंधित विभाग और शासन के नीतिगत निर्णय पर निर्भर करेगा।

90 विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ ज्ञापन

प्रदेश के सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ ज्ञापन सौंपने की इस मुहिम को मीटर रीडरों ने अपनी समस्याओं को शासन तक पहुंचाने की सामूहिक पहल बताया। उनका उद्देश्य है कि जनप्रतिनिधि इस विषय को केवल कर्मचारियों की व्यक्तिगत समस्या के रूप में न देखें, बल्कि तकनीकी बदलाव के साथ रोजगार सुरक्षा सुनिश्चित करने के व्यापक मुद्दे के रूप में उठाएं।

मीटर रीडरों को उम्मीद है कि विधायक उनकी मांगों को विधानसभा में उठाएंगे तथा संबंधित विभाग और शासन के समक्ष रोजगार बचाने के लिए प्रभावी पहल करने का आग्रह करेंगे।

सरकार से ठोस नीति बनाने की मांग

मीटर रीडरों की मांग है कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था के विस्तार से प्रभावित होने वाले कर्मचारियों की स्थिति का आकलन किया जाए। वर्तमान में कार्यरत मीटर रीडरों की संख्या, उनकी सेवा अवधि, कार्य की प्रकृति और भविष्य में उपलब्ध संभावित कार्यों को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट नीति बनाई जाए, ताकि तकनीकी बदलाव के कारण किसी कर्मचारी को अचानक आजीविका के संकट का सामना न करना पड़े।

उन्होंने यह भी अपेक्षा जताई कि संबंधित विभाग प्रभावित कर्मचारियों के साथ संवाद स्थापित करे और रोजगार के वैकल्पिक अवसरों पर विचार करे। मीटर रीडरों का कहना है कि तकनीकी विकास के साथ कर्मचारियों के हितों का संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है।

ये रहे उपस्थित

इस अवसर पर खीलेश साहू, रायपुर जिला अध्यक्ष ग्रामीण, टेकराम लोधी, जिला उपाध्यक्ष, सूरज कुर्रे, जिला उपाध्यक्ष, टीकेश्वर साहू, शानू भारद्वाज, भगवानदास, छत्रपाल साहू एवं धर्मेंद्र पाल सहित अन्य मीटर रीडर उपस्थित रहे।

अब नजर शासन के रुख पर: प्रदेशभर के 90 विधानसभा क्षेत्रों में ज्ञापन सौंपे जाने के बाद मीटर रीडरों को उम्मीद है कि उनके रोजगार का मुद्दा विधानसभा और शासन स्तर पर उठेगा। अब देखना होगा कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था के विस्तार के साथ पारंपरिक मीटर रीडिंग से जुड़े कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments