Homeछत्तीसगढआस्था और विश्वास का प्रतीक: केशला के प्राचीन मंदिर में 113 ज्योति...

आस्था और विश्वास का प्रतीक: केशला के प्राचीन मंदिर में 113 ज्योति प्रज्वलित

रवि कुमार तिवारी,

खरोरा। खरोरा-बलौदा बाजार मुख्य मार्ग में रोड किनारे स्थित ग्राम केशला के अति प्राचीन एवं ऐतिहासिक मंदिर में सिघादूरिया दाई की प्रतिमा विराजमान है। जिसकी ख्याति खरोरा-केशला सहित आसपास के दूर-दराज में फैली हुई है।

इस मंदिर में चैत्र और शारदीय नवरात्रि दोनों नवरात्रि के पर्व में भक्तों के द्वारा मनोकामना ज्योति प्रज्ज्वलित किए जाते हैं। इस मंदिर स्थित देवी माता की मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन से श्रद्धा पूर्वक यहां ज्योति प्रज्ज्वलित करते हैं, उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है।

नवरात्रि के पहले दिन सुबह से माता के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी और माता रानी की जय घोष से वातावरण गूंज उठा। महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर माता सिघादूरिया दाई की आराधना की।

इस ऐतिहासिक एवं प्राचीन मंदिर के कार्यकर्ता ओम प्रकाश एवं सुरेंद्र देवांगन ने बताया कि यह मंदिर जिसमें सिघादूरिया दाई विराजमान है, कई सालों पूर्व से बना है, किसी को सही जानकारी नहीं है। हमारे पूर्वजों का कहना था कि खरोरा करियादामा दाई से सुरगा केशला के सिघादूरिया दाई मंदिर तक अंदर ही अंदर आया हुआ है।

शारदीय नवरात्रि में इस देवी मंदिर में गांव सहित आसपास के देवी भक्तों के द्वारा 113 तेल मनोकामना ज्योति प्रज्ज्वलित की गई है। उन्होंने कहा कि गांव के हर सुख-दुख का कार्य होता है तो सबसे पहले सिघादूरिया दाई मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद ही शुभ कार्य का प्रारंभ होता है। मंदिर समिति द्वारा नवरात्र के पूरे नौ दिन जस गीत एवं विभिन्न सांस्कृतिक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।


आवामदूत न्यूज़ | आपकी आवाज़, आपकी खबर
#आवामदूत #केशला #खरोरा #नवरात्रि #सिघादूरिया_दाई

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments