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तिल्दा-नेवरा: चापा गांव में गोठान की जमीन पर गड्ढे खोदने से भड़के ग्रामीण, राधे स्पंज आयरन को जमीन आवंटन पर उठे सवाल

रिपोर्टर : रवि कुमार तिवारी

तिल्दा-नेवरा: समीपस्थ ग्राम चापा में गोठान के लिए सुरक्षित जमीन पर जेसीबी से गड्ढे खोदे जाने को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला।

बताया जा रहा है कि राधे स्पंज आयरन की ओर से भेजी गई जेसीबी ने जमीन पर एक-एक कर करीब 15 गड्ढे खोद दिए। इसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों को सामने देखकर जेसीबी चालक भी सहम गया और विरोध बढ़ने पर खोदे गए गड्ढों को पाट दिया गया।

मामले की जानकारी मिलने पर नायब तहसीलदार पांडे मौके पर पहुंचे। उनके अनुसार, उद्योग विभाग द्वारा राधे स्पंज आयरन के नाम पर जमीन आवंटित की गई है। जब ग्रामीणों को यह जानकारी मिली तो उनका आक्रोश और बढ़ गया। ग्रामीण सीधे सरपंच के निवास पर पहुंचे, जिसके बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा।

ग्रामीणों ने इस मामले में कांग्रेस नेता शैलेश नितिन त्रिवेदी और ग्रामीण अध्यक्ष बलदाऊ साहू को भी बुलाया। ग्रामीणों की नाराजगी को देखते हुए सरपंच मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायत की ओर से न तो कोई एनओसी जारी की गई है और न ही जमीन आवंटन के संबंध में कोई प्रस्ताव पारित किया गया है। सरपंच के अनुसार, उन्हें भी इस बात की जानकारी नहीं है। उल्टा सवाल करते कहा कि पंचायत की सहमति के बिना उद्योग विभाग ने जमीन राधे स्पंज आयरन को कैसे आवंटित कर दी। ग्रामीण लगातार उद्योग संचालक को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे।

बिना एनओसी जमीन आवंटन पर ग्रामीणों के सवाल

ग्रामीणों का सवाल है कि जब ग्राम पंचायत की ओर से एनओसी जारी नहीं की गई और ग्रामसभा की बैठक में कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ, तो उद्योग विभाग ने जमीन उद्योग के नाम पर कैसे आवंटित कर दी? ग्रामीणों ने कहा कि वे पंचायत की जमीन पर उद्योग स्थापित नहीं होने देंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन करेंगे।

बताया जा रहा है कि जिस जेसीबी को मौके पर भेजा गया था, उसे भाजपा से जुड़े एक स्थानीय नेता ने भेजा था। हालांकि उसने इस मामले को लेकर दूरी बनाए रखी। ग्रामीणों के बीच इस बात को लेकर भी नाराजगी रही कि जमीन के मामले में पंचायत को विश्वास में क्यों नहीं लिया गया।

अल्दा और देवरी में भी प्रस्तावित संयंत्रों का विरोध

चापा से लगे ग्राम अल्दा और देवरी में भी प्रस्तावित औद्योगिक संयंत्रों को लेकर ग्रामीण विरोध जता रहे हैं। इन गांवों में कथित फर्जी एनओसी और पंचायत रजिस्टर में कूट रचना के आरोपों को लेकर अज्ञात लोगों के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराया गया। एक मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी ग्रामीणों के साथ तिल्दा थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई में भाग लिया था। उक्त मामले की जांच जारी है।

अब चापा में जमीन आवंटन का नया मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। उनका कहना है कि गांव की गोठान और अन्य सुरक्षित जमीनों को उद्योगों के लिए देने से पहले ग्राम पंचायत और ग्रामसभा की सहमति जरूरी है।

शैलेश नितिन त्रिवेदी ने सरकार पर लगाए आरोप

ग्रामीणों के बुलावे पर विरोध प्रदर्शन में पहुंचे कांग्रेस नेता शैलेश नितिन त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि शासन गांवों की जमीन को लेकर मनमानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विधायक राजस्व मंत्री हैं, इसके बावजूद गांवों की गोठान और सुरक्षित जमीन उद्योगपतियों को आवंटित किए जाने के मामले सामने आ रहे हैं।

त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार के दौरान गांव में बड़े स्तर पर गोठान बनाया गया था और उसकी कुछ जमीन भी उद्योग के लिए दिए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरपंच स्वयं पंचायत की ओर से एनओसी जारी करने और प्रस्ताव पारित होने की जानकारी से इनकार कर रहे हैं, तो जमीन उद्योग के लिए कैसे आवंटित कर दी गई?


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तिल्दा / खरोरा ब्लॉक रिपोर्टर – रवि कुमार तिवारी – 9926658633

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