रायपुर (18 अक्टूबर 2026)। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। गुढ़ियारी थाने में थाना प्रभारी (TI) के साथ कथित बदसलूकी, पुलिस को धमकी देने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में काफी समय से फरार चल रहे भाजयुमो (BJYM) नेता शुभांकर द्विवेदी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
एडिशनल डीसीपी आदित्य पाण्डेय ने गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम ने आरोपी शुभांकर द्विवेदी को राजधानी के चंगोराभांटा इलाके से धर दबोचा। आरोपी से फिलहाल पुलिस टीम लगातार पूछताछ कर रही है और आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
भेष बदलकर छिप रहा था आरोपी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस की लगातार हो रही छापेमारी और गिरफ्तारी से बचने के लिए शुभांकर द्विवेदी कथित तौर पर अपना भेष बदलकर अलग-अलग ठिकानों पर छिप रहा था। आखिरकार पुलिस की मुस्तैदी के कारण वह चंगोराभांटा में पकड़ा गया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद उसे गुढ़ियारी थाने लाया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फरारी के दौरान उसने किन-किन ठिकानों पर पनाह ली थी और कौन-कौन लोग उसे पुलिस से छिपाने में मदद (कथित सहयोग) कर रहे थे।
क्या है पूरा मामला? (15 सितंबर का विवाद)
यह पूरा विवाद पिछले महीने 15 सितंबर का है। गुढ़ियारी थाना प्रभारी (निरीक्षक) नरेंद्र साहू की लिखित शिकायत के मुताबिक, दोपहर करीब 2:30 बजे शुभांकर द्विवेदी अपने कुछ अन्य साथियों (प्रकाश यादव, मुकुल वर्मा, सत्यम पाण्डेय व अन्य) के साथ थाने पहुंचा था। आरोप है कि ये सभी लोग थाना प्रभारी के शासकीय कार्यालय (केबिन) में जबरन घुस गए, फर्श पर बैठ गए और धरना देने लगे।
विवाद की मुख्य वजह
दरअसल, 14 सितंबर को पुलिस ने कोलाहल अधिनियम (Noise Control Act) के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले एक वाहन और साउंड सिस्टम को जब्त किया था। शुभांकर द्विवेदी और उनके साथी उसी जब्त सामान को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के तुरंत छुड़ाने की मांग कर रहे थे। थाना प्रभारी ने उन्हें काफी समझाने की कोशिश की कि जब्त सामान की वापसी केवल नियमानुसार न्यायालय (कोर्ट) की प्रक्रिया के माध्यम से ही संभव है, लेकिन आरोपी अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने थाने में बदसलूकी, धमकी और तोड़फोड़ की वारदात को अंजाम दिया, जिसके बाद से पुलिस इनकी तलाश कर रही थी।




