बलौदाबाजार-भाटापारा, 26 अक्टूबर 2026।
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। जिला पुलिस अधीक्षक गौरव राय के कुशल निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत भाटापारा ग्रामीण पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने फिल्मी अंदाज में घेराबंदी कर दो अंतर-जिला गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है।
तस्करों ने पुलिस की नाकाबंदी देखकर भागने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों की जान लेने की नीयत से अपने तेज रफ्तार वाहन से पुलिस की गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। इस खौफनाक हमले के बावजूद पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों आरोपियों को दबोच लिया। इनके पास से 6 किलो 154 ग्राम अवैध गांजा और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही सफेद रंग की इनोवा कार बरामद की गई है।
मुखबिर की सूचना पर देर रात की गई नाकाबंदी
पुलिस के अनुसार, 24 अक्टूबर को भाटापारा ग्रामीण पुलिस को एक पुख्ता मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा से एक सफेद रंग की इनोवा कार (क्रमांक CG 04 LV 2454) में भारी मात्रा में गांजा लेकर तस्कर छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में खपाने के लिए निकल चुके हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए भाटापारा ग्रामीण थाना और साइबर सेल की एक संयुक्त स्पेशल टीम का गठन किया गया और संदिग्ध रास्तों पर देर रात कड़ा पहरा व नाकाबंदी लगाई गई।
पुलिस गाड़ी को मारी टक्कर, कुचलने की कोशिश नाकाम
नाकाबंदी के दौरान जब पुलिस टीम ने सामने से आ रही संदिग्ध इनोवा कार को रुकने का इशारा किया, तो पुलिस को देख चालक ने कार की रफ्तार और बढ़ा दी। पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने पुलिसकर्मियों के ऊपर गाड़ी चढ़ाने (कुचलने) का प्रयास किया और सामने खड़ी पुलिस की गाड़ी को अपनी इनोवा कार से जोरदार टक्कर मार दी। अचानक हुए इस हमले से घबराए बिना पुलिस टीम ने तत्परता दिखाई और चारों तरफ से घेराबंदी कर कार में सवार दोनों आरोपियों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया।
गाड़ी की तलाशी में टेप से लिपटे मिले पैकेट
हिरासत में लेने के बाद एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के कड़े प्रावधानों का पालन करते हुए स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में जब इनोवा कार की गहन तलाशी ली गई, तो पुलिस भी हैरान रह गई। गाड़ी के भीतर सेलो टेप से लपेटकर शातिर तरीके से छिपाए गए गांजे के कई पैकेट बरामद हुए। इलेक्ट्रॉनिक तराजू से तौल करने पर जब्त गांजे की कुल मात्रा 6 किलो 154 ग्राम पाई गई। पुलिस ने गांजा, तस्करी में इस्तेमाल इनोवा कार और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को तुरंत जब्त कर लिया।
आरोपी दुर्ग के निवासी, ओडिशा से जुड़ा है नेटवर्क
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि वे इस गांजे की खेप को ओडिशा से लेकर आ रहे थे और इसे दुर्ग तथा राजनांदगांव जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय पैडलर्स को ऊंचे दामों पर सप्लाई करने की योजना थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
- सुरेश सिंह (24 वर्ष), पिता मुनेश्वर सिंह
- राजेश साहू (56 वर्ष), पिता बलिराम साहू
यह दोनों आरोपी घासीदास नगर, थाना जामुल, जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़) के रहने वाले हैं।
दर्ज हुए दो अलग-अलग गंभीर मामले
पुलिस ने इस मामले में तस्करों पर चौतरफा कानूनी शिकंजा कसा है:
- भाटापारा ग्रामीण थाना: गांजा तस्करी के मामले में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 664/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के अंतर्गत मामला दर्ज कर उन्हें 25 अक्टूबर को विधिवत गिरफ्तार किया गया।
- सिटी कोतवाली थाना: पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त करने और ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों की जान लेने का जानलेवा प्रयास करने के आरोप में सिटी कोतवाली थाने में अलग से गंभीर और गैर-जमानती धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
विवेचना जारी, बड़े नेटवर्क का होगा भंडाफोड़
बलौदाबाजार पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत नशे के सौदागरों के खिलाफ यह प्रचंड प्रहार आगे भी लगातार जारी रहेगा। फिलहाल पुलिस की टीमें गांजा तस्करी के इस पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क को खंगाल रही हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ओडिशा में इन्हें गांजा सप्लाई करने वाले मुख्य सरगना कौन हैं और छत्तीसगढ़ के दुर्ग व राजनांदगांव में यह खेप किन-किन लोगों तक पहुंचाई जानी थी। मामले की विस्तृत विवेचना अभी जारी है।



