रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने देश की पहली डिजिटल जनगणना को बिना किसी प्रशासनिक बाधा के समय पर पूरा करने के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने एक आधिकारिक पत्र जारी कर जनगणना कार्य में लगाए गए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर आगामी छह महीने अथवा जनगणना कार्य पूरा होने तक (जो भी पहले हो) यथासंभव रोक लगा दी है।
यह आदेश विशेष रूप से उन अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए जारी किया गया है जिनकी ड्यूटी जनगणना में लगाई जा चुकी है या जिन्होंने इस संबंध में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है। सरकार का उद्देश्य इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखना है।
इन अधिकारियों और कर्मचारियों पर लागू होगा नियम
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 2 नवंबर 2026 को जारी निर्देश के अनुसार, निम्नलिखित पदों पर तैनात अमले के स्थानांतरण से यथासंभव बचा जाएगा:
- जिला जनगणना अधिकारी और चार्ज अधिकारी
- मास्टर ट्रेनर्स और फील्ड ट्रेनर्स
- प्रगणक (Enumerators) और पर्यवेक्षक (Supervisors)
- जनगणना कार्य में नियुक्त अन्य सहयोगी कर्मचारी
तबादलों पर रोक का कारण: सरकार का मानना है कि जनगणना के लिए कर्मचारियों को विशेष तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यदि इस बीच किसी प्रशिक्षित कर्मचारी का तबादला होता है, तो उसकी जगह नए कर्मचारी की नियुक्ति और दोबारा प्रशिक्षण की आवश्यकता होगी। इससे पूरी प्रक्रिया में देरी हो सकती है और समय-सीमा प्रभावित होने की आशंका रहेगी।
देश की पहली ‘डिजिटल’ और ‘व्यापक जातिगत’ जनगणना 2027: मुख्य बातें
यह जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रही है। केंद्र सरकार ने इस पूरे अभियान के संचालन के लिए 11,718.24 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है, जिसमें देशभर से लगभग 30 लाख कर्मचारियों की भागीदारी होगी।
- पूरी तरह डिजिटल होगी प्रक्रिया: भारत के इतिहास में पहली बार कागजी कार्य की जगह डिजिटल तकनीक का उपयोग किया जाएगा। प्रगणक मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। इसके बेहतर समन्वय के लिए ‘जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली’ (CMMS) विकसित की गई है।
- 40 प्रश्नों की प्रश्नावली: इस बार नागरिकों से कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे।
- 1931 के बाद पहली बार व्यापक जातिगत गणना: आजादी के बाद से अब तक की जनगणनाओं में केवल अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के आंकड़े ही नियमित रूप से एकत्र किए जाते थे। लेकिन जनगणना 2027 में अन्य सभी जातियों से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाएगी, जो 1931 के बाद पहला ऐसा व्यापक कदम है।
महत्वपूर्ण तारीखें: नोट कर लें शेड्यूल
छत्तीसगढ़ सहित सामान्य राष्ट्रीय कार्यक्रम वाले राज्यों के लिए समय-सारणी इस प्रकार तय की गई है:
- 10 जनवरी से 24 जनवरी 2027 (स्व-गणना): नागरिकों को स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करने का विकल्प मिलेगा।
- 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 (घर-घर गणना): प्रगणक मोबाइल ऐप के जरिए घर-घर जाकर डेटा जुटाएंगे और ऑनलाइन भरने वाले परिवारों की जानकारी का सत्यापन करेंगे।
- 1 मार्च से 5 मार्च 2027 (पुनरीक्षण चरण): छूटे हुए व्यक्तियों की जानकारी जोड़ने और आवश्यक सुधार के लिए 5 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जाएगा।
(नोट: उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, उत्तराखंड के गैर-बर्फबारी क्षेत्रों और लद्दाख, हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर के बर्फबारी वाले क्षेत्रों के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग कार्यक्रम तय किया गया है।)
छत्तीसगढ़ में प्रशिक्षण शुरू
राज्य में इस महाअभियान के दूसरे चरण की तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। 12 अक्टूबर 2026 से ही जिला, अनुविभाग और तहसील स्तर के अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। तय कार्यक्रम के अनुसार, नवंबर में मास्टर ट्रेनर्स, 1 दिसंबर से फील्ड ट्रेनर्स और 16 दिसंबर 2026 से प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को डिजिटल प्रणाली और प्रश्नावली का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा।



