रायपुर। झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में जगदलपुर की NIA कोर्ट ने 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है। फैसले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने NIA की जांच पर ही सवाल खड़े कर दिए।
भूपेश बघेल ने कहा कि वे कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन NIA की जांच में बड़े नक्सली नेताओं को बचाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि हमले के राजनीतिक षड्यंत्र की जांच नहीं हुई और किसी अधिकारी की जिम्मेदारी भी तय नहीं की गई।
भूपेश ने कहा कि इसी वजह से उनकी सरकार ने SIT का गठन किया था। उनका दावा है कि NIA ने SIT की जांच को निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक चुनौती दी और उनकी सरकार जाने के बाद जांच आगे नहीं बढ़ सकी।
25 मई 2013 को हुए झीरम हमले में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं समेत 29 लोगों की मौत हुई थी। अब 10 आरोपियों के दोषी करार दिए जाने के बाद एक बार फिर राजनीतिक षड्यंत्र की जांच का मुद्दा गरमा गया है।




