Homeछत्तीसगढCG Train cancelled: बागडिही में नॉन-इंटरलॉकिंग काम, 1 से 3 नवंबर तक...

CG Train cancelled: बागडिही में नॉन-इंटरलॉकिंग काम, 1 से 3 नवंबर तक 5 ट्रेनें रद्द

बिलासपुर। रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल के बागडिही स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग और बागडिही-झारसुगुड़ा के बीच चौथी रेल लाइन की कमीशनिंग का काम किया जाएगा। इस कार्य के चलते कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा।

रेलवे के अनुसार 1 और 2 नवंबर को प्री-नॉन इंटरलॉकिंग तथा 3 नवंबर को नॉन-इंटरलॉकिंग का काम किया जाएगा। इसके चलते 1 से 3 नवंबर के बीच कुछ ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि उत्कल एक्सप्रेस को परिवर्तित मार्ग से चलाने का निर्णय लिया गया है।

टाटा-इतवारी एक्सप्रेस 1 से 3 नवंबर तक रद्द

रेलवे के अनुसार 18109/18110 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी-टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस 1 से 3 नवंबर तक रद्द रहेगी। इस ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने की सलाह दी गई है।

इन ट्रेनों के परिचालन पर भी असर

बागडिही में होने वाले कार्य के कारण निम्न ट्रेनों को भी रद्द किया गया है—

  • 13425 मालदा टाउन-सूरत एक्सप्रेस — 31 अक्टूबर को रद्द
  • 13426 सूरत-मालदा टाउन एक्सप्रेस — 2 नवंबर को सूरत से रवाना होने वाली यात्रा रद्द
  • 17433 तिरुपति-रक्सौल एक्सप्रेस — 2 नवंबर को तिरुपति से रवाना होने वाली ट्रेन रद्द
  • 17434 रक्सौल-तिरुपति एक्सप्रेस — 5 नवंबर को रक्सौल से रवाना होने वाली ट्रेन रद्द

उत्कल एक्सप्रेस बदले मार्ग से चलेगी

रेलवे ने उत्कल एक्सप्रेस के मार्ग में भी बदलाव किया है। 2 नवंबर को पुरी से रवाना होने वाली 18477 पुरी-योग नगरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग कटक-सम्बलपुर सिटी-झारसुगुड़ा रोड-ईब होकर चलेगी।

वहीं वापसी में 18478 योग नगरी ऋषिकेश-पुरी उत्कल एक्सप्रेस ईब-झारसुगुड़ा रोड-सम्बलपुर सिटी-कटक होकर चलेगी।

शालीमार-LTT एक्सप्रेस में अतिरिक्त स्लीपर कोच

इधर यात्रियों को अधिक कंफर्म बर्थ उपलब्ध कराने के लिए रेलवे ने 18030 शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस में अतिरिक्त स्लीपर कोच लगाने का फैसला किया है।

रेलवे के मुताबिक इस ट्रेन में 3 और 4 सितंबर को एक अतिरिक्त स्लीपर कोच लगाया जाएगा। वहीं वापसी की 18029 एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस में 5 और 6 सितंबर को अतिरिक्त स्लीपर कोच की सुविधा रहेगी।

इस अतिरिक्त कोच के लगने से स्लीपर श्रेणी में यात्रा करने वाले यात्रियों को अधिक कंफर्म बर्थ मिलने की संभावना रहेगी।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments