रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज डीएड (D.Ed.) अभ्यर्थियों ने अपनी लंबित नियुक्तियों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। नया रायपुर स्थित शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के शासकीय आवास (बंगले) का घेराव करने के लिए बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी पहुंचे हैं। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे इन अभ्यर्थियों का हौसला कड़ाके की धूप और त्योहारों के बाद भी कम नहीं हुआ है।
परिवार और रिश्तेदारों के साथ पहुंचे अभ्यर्थी
इस आंदोलन की खास बात यह है कि इस बार अभ्यर्थियों के साथ उनके माता-पिता, परिवार के अन्य सदस्य और रिश्तेदार भी सड़कों पर उतरे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि नियुक्तियों में हो रही देरी की वजह से पूरा परिवार मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हो चुका है।
अदालत के आदेश के बाद भी 2300 पदों पर भर्ती अटकी
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पूरी तरह कानून के दायरे में रहकर अपनी मांग कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल हाई कोर्ट (HC) और सुप्रीम कोर्ट (SC) के आदेशों का पालन किए जाने की गुहार लगा रहे हैं। अदालत के फैसलों के आधार पर करीब 2300 पदों पर भर्ती होनी चाहिए, जिसे सरकार लंबे समय से रोके हुए है। इसके साथ ही अभ्यर्थियों ने प्रदेश सरकार के ‘रोजगार’ और ‘महिला सशक्तिकरण’ के दावों पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।
आर-पार की लड़ाई: कोरा आश्वासन नहीं, तारीख चाहिए
आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि वे अब पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने मांग की है कि जब तक शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव खुद आकर उनसे सीधे बात नहीं करते, वे बंगले के बाहर ही डटे रहेंगे। अभ्यर्थियों का कहना है कि अब उन्हें कोई कोरा आश्वासन या दिलासा नहीं चाहिए, बल्कि सरकार को नियुक्ति की अंतिम तारीख (Deadline) घोषित करनी होगी।
सुरक्षा के लिहाज से मंत्री आवास के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है और अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।



