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विधानसभा का मानसून सत्र आज से, पहले दिन तीजन बाई को श्रद्धांजलि; प्रश्नकाल में CM साय देंगे जवाब

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार, 14 जुलाई से होगी। पहले दिन की कार्यवाही दिवंगत पद्म विभूषण एवं प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई सहित अन्य दिवंगत व्यक्तियों के निधन उल्लेख के साथ शुरू होगी। इसके बाद सदन में प्रश्नकाल और विभिन्न विभागों से जुड़े प्रतिवेदन एवं दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएंगे।

प्रश्नकाल में इन मंत्रियों से होंगे सवाल
सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा तथा वन मंत्री केदार कश्यप अपने-अपने विभागों से जुड़े सदस्यों के प्रश्नों का उत्तर देंगे।


सदन पटल पर रखे जाएंगे महत्वपूर्ण प्रतिवेदन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ राज्य मानवाधिकार आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन 2024-25, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग का वार्षिक लेखा प्रतिवेदन (वित्तीय वर्ष 2024-25) तथा वर्ष 2026 के अधिसूचित छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग विनियम सदन के पटल पर रखेंगे।वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा “विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (VBGRAM) योजना, छत्तीसगढ़” से संबंधित दस्तावेज सदन में प्रस्तुत करेंगे।वाणिज्यिक कर मंत्री ओपी चौधरी जीएसटी नेटवर्क (GSTN) की वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट सदन के पटल पर रखेंगे। इसके अलावा फरवरी-मार्च 2026 के विधानसभा सत्र के दौरान पूछे गए प्रश्नों के लंबित उत्तरों का संकलन भी सदन में प्रस्तुत किया जाएगा।

राज्यपाल और राष्ट्रपति की स्वीकृति संबंधी जानकारी भी होगी प्रस्तुत
कार्यसूची के अनुसार, राज्यपाल द्वारा लौटाए गए विधेयकों तथा राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त विधेयकों से संबंधित सूचनाएं भी सदन में दी जाएंगी।

ध्यानाकर्षण प्रस्तावों में उठेंगे ये मुद्दे
वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर और धर्मजीत सिंह प्रदेश में पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन में कथित लापरवाही का मुद्दा संस्कृति मंत्री के समक्ष ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से उठाएंगे।वहीं कांग्रेस विधायक विकास कश्यप जांजगीर जिला चिकित्सालय में परिवार नियोजन प्रोत्साहन राशि के भुगतान में कथित अनियमितताओं का मामला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री के समक्ष ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए उठाएंगे।पहले दिन की कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की रणनीति पर नजर रहेगी, क्योंकि आगामी दिनों में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन में चर्चा और राजनीतिक टकराव की संभावना है।

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